- विश्व जैन संगठन का राष्ट्रव्यापी आह्वान: “हर नगर से एक यात्रा – गिरनार जी की ओर”
- श्री दिगंबर जैन ग्लोबल महासभा का राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ, दिगंबर जैन समाज समाजिक सांसद एवं सकल जैन समाज भारत का आह्वान एवं यात्रा के लिए पूर्ण समर्थन, पंजीकरण शुरू

इंदौर। भगवान श्री नेमिनाथ के मोक्ष कल्याणक महोत्सव, 20 जुलाई 2026 के पावन शुभ अवसर पर विश्व जैन संगठन, राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ एवं भारत वर्षीय सकल जैन समाज से राष्ट्रव्यापी आह्वान किया है कि देश के प्रत्येक नगर, कस्बे, गांव एवं शहर से कम से कम एक धर्म यात्रा पवित्र जैन तीर्थ सिद्धक्षेत्र गिरनार जी के लिए अवश्य प्रस्थान करे।
विश्व जैन संगठन के प्रचारक राजेश जैन दद्दू एवं मयंक जैन ने बताया कि श्री दिगंबर जैन ग्लोबल महासभा* राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ ने इस विशेष धर्म यात्रा को संपूर्ण समर्थन देते हुए भारत वर्षीय समस्त जैन समाज से इस पुण्य अभियान में सक्रिय रूप से जुड़ने एवं अधिकाधिक श्रद्धालुओं को यात्रा में सहभागी बनाने का विनम्र आग्रह किया है।
विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन ने बताया कि गिरनार जी वह सिद्धभूमि है । जैन धर्म के जहाँ 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ ने मोक्ष प्राप्त किया था। इस पवित्र भूमि पर पहुँचकर भगवान नेमीनाथ की मोक्ष स्थली पाँचवीं टोंक की वंदना , भक्ति करना हम सभी का परम सौभाग्य है। वर्तमान परिस्थितियों में जैन एकता के साथ धर्म संस्कृति एवं तीर्थों की सुरक्षा और अस्मिता के लिए समाज का एकजुट होना अत्यंत आवश्यक है
“हर शहर,हर नगर से एक यात्रा” – हमारा आह्वान एवं संकल्प है। विश्व जैन संगठन ने कहा कि चाहे 4 श्रद्धालु जाएँ, 40 जाएँ, 400 जाएँ या 4000 — महत्वपूर्ण यह है कि आपके नगर क्षेत्र से धर्म यात्रा अवश्य पहुँचे।* इसका उद्देश्य गिरनार जी जैसे प्राचीन जैन सिद्धक्षेत्र पर हमारा अधिकार और आस्था संस्कृति सुरक्षित रखने का संदेश विश्व तक पहुँचाना है।
यात्रा की कार्ययोजना एवं महत्वपूर्ण तिथियाँ:
भारत वर्षीय सभी मंदिर समितियों, समाज एवं संस्थाओं से आग्रह किया गया है कि:
- मई – जून 2026: स्थानीय स्तर पर समिति गठन, चंदा संग्रह एवं बस/ट्रेन टिकट की अग्रिम बुकिंग प्रारंभ करें।
- 1 जुलाई 2026: यात्रियों की अंतिम सूची तैयार करें।
- 18-19 जुलाई 2026: गिरनार जी के लिए प्रस्थान करें।
- 20 जुलाई 2026: भगवान नेमीनाथ मोक्ष कल्याणक के दिन पाँचवीं टोंक वंदना एवं निर्माण लाडू समर्पित कर विशेष दर्शन का सो भाग्य प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य करें।
ग्लोबल महासभा*राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ, विश्व जैन संगठन ने अपील की है कि जो श्रद्धालु स्वयं नहीं जा सकते, वे *अपनी चंचला लक्ष्मी खर्च कर किसी अन्य समाज श्रद्धालु को भेजकर इस पुण्य कार्य में सहभागी बनें। जैन समाज ने ठाना है घर-घर अलख जगाकर, हर शहर से बस चलाकर नेमिनाथ प्रभु की मोक्ष स्थली पर शीश नवाना है।
संगठन का उद्घोष है: “ना रुकेगा कारवां, ना झुकेगा स्वाभिमान। हर मोहल्ले से यात्रा, यही है हमारा अभियान।”
यदि आपके गांव, कस्बे या शहर से धर्म यात्रा नहीं गई, तो आने वाली पीढ़ियाँ अवश्य पूछेंगी — “जब गिरनार जी पर हमारी आस्था सुरक्षित रखने का समय था, तब हमारा नगर कहाँ था?”
निवेदन श्री दिगंबर जैन ग्लोबल महासभ,विश्व जैन संगठन,राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ ने किया है।
अधिक जानकारी एवं पंजीकरण हेतु संपर्क करें:
8800001532 | 7744055544