माननीय न्यायालय ने कहा – जघन्य अपराध, जमानत का कोई आधार नहीं
इंदौर (राजेश जैन दद्दू) । जैन समाज ने न्यायालय के निर्णय का किया स्वागत। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि दो पूज्य आर्यिकाओं की निर्मम हत्या से देशभर की जैन समाज में था आक्रोश रीवा में पूज्यनीय आर्यिकाओं की नृशंस हत्या* के सनसनीखेज मामले में माननीय न्यायालय ने मुख्य आरोपी राशिद अली की जमानत याचिका दूसरी बार निरस्त कर दी है। न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि यह अत्यंत जघन्य एवं घृणित अपराध है, जिसमें आरोपी को जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता।
गौरतलब है कि रीवा में विहाररत दो पूज्य दिगंबर जैन आर्यिकाओं की आरोपी राशिद अली द्वारा निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस दिल दहला देने वाली घटना से देशभर के जैन समाज में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया था। भारत वर्षीय सकल जैन समाज ने जगह जगह ज्ञापन, धरना प्रदर्शन कर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की थी। दद्दू ने कहा कि न्यायालय का सख्त रुख माननीय न्यायालय ने सुनवाई के दौरान कहा कि साध्वी पर हमला समाज की आत्मा पर हमला है। आरोपी का कृत्य न केवल कानून बल्कि मानवता के विरुद्ध भी है। ऐसे अपराधी को जमानत देना समाज में गलत संदेश जाएगा।”* न्यायालय ने पुलिस की मजबूत पैरवी एवं साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की जमानत निरस्त की। भारत वर्षीय जैन समाज ने किया
स्वागत न्यायालय के इस निर्णय पर भारतवर्षीय दिगंबर जैन महासभा, विश्व जैन संगठन राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ रीवा जैन समाज* एवं देशभर की जैन संस्थाओं ने संतोष व्यक्त किया है। इंदौर जैन समाज के प्रतिनिधि डॉ जैनेन्द्र जैन, अमित कासलीवाल आंनद नवीन गोधा हर्ष जैन मंयक जैन टीके वेद हंसमुख गांधी सुशील पांड्या अजय मिटा अक्षय कासलीवाल ने कहा कि “हमें न्यायपालिका पर पूर्ण भरोसा है। हत्यारे को जल्द से जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा मिले, यही भारत वर्षीय जैन समाज की मांग मांग है।”*
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही है। पुलिस ने केस की चार्जशीट दाखिल कर दी है ।और सभी साक्ष्य आरोपी के विरुद्ध हैं। भारत वर्षीय जैन समाज शीघ्र न्याय की अपेक्षा कर रहा है।