

रतलाम। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर 80 फीट रोड स्थित रोटरी गार्डन के समीप रामेश्वर मंदिर में 6 एवं 7 जून को दो दिवसीय अखंड रामायण पाठ का आयोजन श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। आयोजन ने भक्तों को भगवान श्रीराम के आदर्शों एवं भारतीय संस्कृति के जीवन मूल्यों से जोड़ने का कार्य किया।
आयोजन समिति के अनुसार 6 जून को अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ पंडित चंद्रप्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन में पोथी पूजन एवं शोभायात्रा के साथ हुआ। इस अवसर पर श्रीमती मंजुला गोपाल माहेश्वरी के निवास से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो राम नाम के जयघोष एवं भक्ति गीतों के साथ रामेश्वर मंदिर प्रांगण पहुंची। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चन संपन्न होने के पश्चात अखंड रामायण पाठ का पारायण प्रारंभ हुआ। शोभायात्रा एवं पूजन के दौरान संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा तथा श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, मर्यादा, त्याग, सेवा, कर्तव्यनिष्ठा एवं आदर्श आचरण की शिक्षा देने वाला दिव्य ग्रंथ है। इसके श्रवण एवं मनन से मनुष्य के भीतर सकारात्मक विचारों का संचार होता है तथा जीवन में धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्राप्त होती है।
दो दिनों तक चले अखंड रामायण पाठ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और रामकथा के पावन प्रसंगों का श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त किया। भगवान श्रीराम के चरित्र एवं आदर्शों का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा, श्रद्धा एवं भक्ति का अनुपम वातावरण बना रहा।
7 जून को अखंड रामायण पाठ की पूर्णाहुति हवन-पूजन एवं महाआरती के साथ संपन्न हुई। इसके पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया गया। आयोजन के माध्यम से समाज में आध्यात्मिक जागरण, सामाजिक समरसता तथा भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों के संरक्षण का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर रामेश्वर मंदिर परिवार के सदस्य पंडित चंद्रप्रकाश शर्मा, मुकेश राजपाल, ललिता दवे, मंगला अग्रवाल, अनीता पालीवाल, उर्मिला नागर, रमा बहन, विष्णु सिसोदिया, मंजुला माहेश्वरी, विभा पलक ललिता एवं शकुंतला आयुषी , प्रीति राजपाल,विमला परवाल वर्षा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और धर्मलाभ प्राप्त किया।