श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज का दीक्षा दिवस महोत्सव भक्ति भाव के साथ कुछ भक्तों के द्वारा मनाया गया

निमियाघाट-पारसनाथ । परम पूज्य प्रात: स्मरणीय भारत गौरव गुरुवर अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज का भव्य मंगल प्रवेश आज प्रात: 7:00 बजे दिगंबर जैन मंदिर बीसपंथी कोठी निमियाघाट जिला गिरिडीह में हुआ गुरुदेव की अगवानी कोठी के पदाधिकारी बाहर से आए कुछ भक्तों के द्वारा किया गया । साथ ही गुरुदेव ससंघ कुछ दिन यहां रुककर धर्म साधना करेंगे इसी क्रम में आज दिन में आचार्य श्री के परम प्रभावक शिष्य शोम्य मूर्ति श्री 108 पियूषसागर जी महाराज का नोवा दीक्षा दिवस महोत्सव भक्ति भाव के साथ कुछ भक्तों के द्वारा मनाया गया। क्योंकि कॅरोना महामारी को देखते हुए कम भक्त ही उपस्थित होकर सभी कार्यक्रम में शामिल हुए इस अवसर पर आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज ने कहा कि गुरु से प्रभु तक की यात्रा का नाम भी दीक्षा है दीक्षा यानी आत्मनिर्भरता ।
दीक्षा यानी आत्मविश्वास
दीक्षा यानी जीव मात्र से प्रेम स्वभाव मैत्री का भाव रखना सुख पाने के लिए पाप करो ये है संसार ओर सुख छोडऩे के लिए पुण्य करो ये है सन्यास आज हमारे आत्मिक सहयोगी शिष्य सौम्य मूर्ति 108 श्री पीयूष सागर जी महाराज जी नवमी दीक्षा जयंती है हमने बहुत से शिष्य पर सौम्य मूर्ति जैसा समर्पित, समझदार,श्रद्धावान,विनयवान शिष्य पहली बार देखा जिनका गुरु भक्ति और प्रभु भक्ति में रोम रोम अर्पित-समर्पित है मैं उनकी दीक्षा दिवस की अनुमोदना करता हूं आप बहुत आगे बढ़े और ऐसी श्रद्धा भक्ति से निर्माण के सुख को प्राप्त करें । आज का पाद प्रक्षालन का सौभाग्य विपुल जैन जयपुर, सजल जैन, बंटी अहमदाबाद नवीन जैन धनबाद को प्राप्त हुआ। साथ ही कोडरमा से गुरुभक्त सुरेश झांझरी, मनीष-सिमा जैन सेठी, कोडरमा मीडिया प्रभारी राज कुमार अजमेरा, नवीन जैन ने भी गुरुवर के चरणों में भेंट की।