गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच एवं उपचार किया जाएगा
रतलाम 8 जून । प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का शुभारंभ वर्ष 2016 में किया गया था। कार्यक्रम की सफलता के 10 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 9 जून 2026 को जिले में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध प्रसव पूर्व जांच उपलब्ध कराना है। अभियान का मुख्य उद्देश्य उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की शीघ्र पहचान, उपचार एवं नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करना है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संध्या बेलसरे ने बताया कि रतलाम जिले में मेडिकल कॉलेज रतलाम में डॉ. सोनू बाथम, जिला चिकित्सालय रतलाम में डॉ. सुनीता गामड़ एवं डॉ. सुधा राजावत, दिलीप नगर शहरी स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. डाली मेहरा, टीआईटी रोड शहरी स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. सुनीता वाधवानी, सीएचसी सैलाना में डॉ. जितेंद्र रायकवार, सीएचसी बाजना में डॉ. साहिर शेख, सीएचसी पिपलोदा में डॉ. आर्या नीमा एवं डॉ. वर्षा जाट, सिविल हॉस्पिटल जावरा में डॉ. अतुल मंडवारिया, सीएचसी नामली में डॉ. वैष्णवी शर्मा, सीएचसी ताल में डॉ. जयेश भाटी, शहरी स्वास्थ्य केंद्र हकीमवाड़ा में डॉ. चांदनी सिंगाड़, सीएचसी बिरमावल में डॉ. आयशा, सीएचसी खारवाकला में डॉ. निधि यादव, पीएचसी रावटी में डॉ. पीयूष मांगरिया तथा पीएचसी सरवन में डॉ. नितेश जोशी द्वारा गर्भवती महिलाओं की जांच एवं आवश्यक उपचार किया जाएगा।
स्वास्थ्य शिविर का समय प्रातः 9:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। समुदाय स्तर पर जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में पदस्थ एएनएम एवं सीएचओ द्वारा गर्भवती महिलाओं की जांच, उपचार एवं उचित प्रबंधन किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संध्या बेलसरे ने जिले की सभी गर्भवती महिलाओं से अपील की है कि वे अपने नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर प्रसव पूर्व जांच अवश्य कराएं तथा उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लें।