रतलाम । कांग्रेस पार्टी व उसके नेताओं की महिला विरोधी नीतियों के कारण मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त हुआ। कांग्रेस नेता एक महिला को राज्यसभा नहीं जाने देना चाहते थे, इस कारण कांग्रेस नेताओं ने षड्यंत्र पूर्वक मीनाक्षी नटराजन के नामांकन में सच को छिपाया, ताकि उनका नामांकन निरस्त हो सके। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होना कांग्रेस की महिला विरोधी नीतियों का स्पष्ट प्रमाण है।
यह बात भाजपा जिला उपाध्यक्ष क्रांति जोषी ने कही । जिला भाजपा कार्यालय मे शुक्रवार को जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय एवं जिला उपाध्यक्ष अनिता कटारिया की उपस्थिति मे उन्होने ने कहा कि कांग्रेस ने अपनी पार्टी की ही एक नहीं दो महिला कार्यकर्ताओं के साथ छल किया है। पहली तेलंगाना की वह महिला है, जिसको कांग्रेस के एक नेता ने प्रताड़ित किया लेकिन तेलंगाना की सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। तेलंगाना की उसी महिला ने मीनाक्षी नटराजन से शिकायत की थी, लेकिन मीनाक्षी ने भी महिला कार्यकर्ता को प्रताड़ित करने वाले कांग्रेस नेता पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। उसी महिला की याचिका पर तेलंगाना की अदालत ने मीनाक्षी को भी आरोपी बनाया है। दूसरी महिला खुद मीनाक्षी नटराजन हैं, जिनका कांग्रेस नेताओं ने षड्यंत्र पूर्वक नामांकन निरस्त करा दिया। कांग्रेस नेता नहीं चाहते थे कि एक महिला राज्यसभा पहुंचे, इसलिए षड्यंत्र कर नटराजन के शपथ-पत्र में जानकारी छिपाई थी। भारतीय जनता पार्टी हमेशा से निर्वाचन की संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करती आ रही है। कांग्रेस मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने को ‘नारी सम्मान‘ का मुद्दा बनाकर मध्यप्रदेश को बदनाम करना चाहती है। यह मामला महिला के साथ अन्याय का नहीं, बल्कि नामांकन पत्र में महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने का है। यह एक महिला प्रत्याशी को हराने के लिए मध्य प्रदेश के सभी कांग्रेस नेताओं के द्वारा किए गए षड्यंत्र का मामला है। मीनाक्षी नटराजन को राहुल गांधी ने उम्मीदवार बनाकर भेजा था, मध्यप्रदेश कांग्रेस के नेता नहीं चाहते थे कि मीनाक्षी नटराजन यानी एक महिला विजयी बनकर राज्यसभा पहुंचें, इसलिए षड्यंत्र पूर्वक जानकारी छिपाकर नटराजन का नामांकन कांग्रेस नेताओं ने निरस्त कराया है। यही कांग्रेस का असली, चाल, चरित्र व चेहरा है।