प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन कृषि उपज मंडी में किया गया






रतलाम 20 जून। मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किया है, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन कृषि उपज मंडी महू रोड पर किया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री एवं सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री मध्यप्रदेश शासन श्री चैतन्य काश्यप ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 12 वर्ष के कार्यकाल में भारत की सोच बदली है, पूरे विश्व में भारत का मान सम्मान गौरव बढ़ा है , ऋषि और कृषि देश का मूल आधार है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में हर दिशा में सकारात्मक परिवर्तन आ रहे हैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान सहित विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रम को आंदोलन का रूप दिया है। गाय का गोबर और गोमूत्र से धरती में प्राकृतिक तत्व आते हैं इसलिए प्राकृतिक खेती आज की सबसे बड़ी जरूरत है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश को दूध कैपिटल बनाया जाएगा । उन्होंने कहा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मार्गदर्शन में 80 हजार करोड़ की योजनाओं के माध्यम से 12 लाख हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा की बढ़ोतरी होगी। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत विकसित मध्य प्रदेश बनाने की बात कही।
विधायक रतलाम ग्रामीण श्री मथुरालाल डामर ने कहा कि वर्तमान में यूरिया बहुत महंगा है, हर किसान को गाय पालना चाहिए। गाय के गोबर और गोमूत्र से किसान प्राकृतिक खेती करें। इससे लागत कम होगी और उत्पादन बढ़ेगा। भाजपा जिला अध्यक्ष श्री प्रदीप उपाध्याय ने कहा कि कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के प्रयासों से 25 क्लस्टर बनाकर 3125 किसानों का चयन किया गया और जैविक खेती के वैज्ञानिक तरीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है और किसानों की आय बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है , केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से रतलाम जिले में जैविक खेती को बढ़ाने के लिए हर रविवार को कृषि उपज मंडी सैलाना रोड पर बाजार लग रहा है, जैविक खेती के उत्पादों का अधिक से अधिक लोगों को उपयोग करना चाहिए।
कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने रतलाम जिले में जैविक खेती का कार्य कर रहे किसान श्री बनेसिंह ग्राम आलोट, श्री चंद्रभानु चौधरी ग्राम धामनोद तथा श्री अमित गोपाल कुमावत नामली द्वारा की जा रही जैविक खेती की सराहना की। उन्होंने बताया कि कम लागत में अच्छी उपज, आय बढ़ाने के स्रोत और उन्नत खेती को बढ़ावा देने के लिए प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमने खेत में जाकर किसानों की समस्याएं सुनी और किसानों के सुझाव के आधार पर ही उनके हल किए गए । शासकीय विभाग और किसानों के संयुक्त प्रयास से मैदानी स्तर पर सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
उपसंचालक कृषि विभाग श्री भानसिंह ने बताया कि रासायनिक खेती के हानिकारक प्रभाव सामने आ रहे हैं, दिल्ली मुंबई जैसे महानगरों में मध्यप्रदेश के प्राकृतिक खेती के उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है , प्राकृतिक खेती आधुनिक समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यक्रम में मृदा विज्ञान कृषि विकास केंद्र डॉ शीशराम धाकड़ के द्वारा बताया गया कि वर्ष 1966 के बाद हरित क्रांति के दौरान रासायनिक उर्वरकों का उपयोग बढ़ा ,जिससे उत्पादन बढ़ा, किंतु रसायनों के लगातार प्रयोग से धरती का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है , इसके लिए प्राकृतिक खेती के उपाय को अपनाना आवश्यक है इसकी शुरुआत हम अपने खेत से करें।
कार्यक्रम के दौरान प्राकृतिक खेती के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। रतलाम जिले के ग्राम रसूलपुर की सफलता की कहानी ऑडियो विजुअल माध्यम से प्रसारित की गई कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि गांव के दशरथ पाटीदार सहित लगभग 70% से अधिक किसान गांव में प्राकृतिक खेती को अपना रहे हैं और गांव में रासायनिक उर्वरकों की मांग ना के बराबर हो गई है। कार्यशाला में महामंत्री श्री जयवंत कोठारी , जिला उपाध्यक्ष श्री प्रहलाद राठौड़, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्री शंकर लाल पाटीदार , किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष श्री राम सिंह सिसोदिया, किसान मोर्चा जिला महामंत्री श्री कन्हैया लाल पाटीदार, किसान मोर्चा जिला महामंत्री श्री बद्रीलाल चौधरी, श्री बसंती लाल धाकड़, श्री राकेश पांचा,सांसद प्रतिनिधि श्री कैलाश पाटीदार, श्री आशीष पाटीदार, श्री कैलाश जाट, श्री मोहनलाल जाट, श्री जितेंद्र पाटीदार, श्री देवचंद पाटीदार, श्री सुरेश पाटीदार, श्री शंभू लाल पाटीदार, श्री विजय पाटीदार, श्री धर्मेंद्र माली, श्री विजय पाटीदार कुशाभाऊ मंडल, श्री बीएस छाजेड़, श्री दिनेश जौहरी, श्री मोहनलाल राठौड़, श्री सुरेश पाटीदार, श्री डी पी धाकड़, एस डी एम श्री तरुण जैन, तहसीलदार, सहित अनेक किसान एवं गणमान्य नागरिक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।