नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य सेवन एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस पर जागरूकता एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित

रतलाम 26 जून । सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 26 जून, अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य सेवन एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस के अवसर पर विकासखंड आलोट में नशा मुक्ति जागरूकता एवं शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों एवं आमजन को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु जनभागीदारी सुनिश्चित करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला समन्वयक श्री रत्नेश विजयवर्गीय, श्री सतीश टांक एवं विकासखंड समन्वयक श्री मुकेश कटारिया उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जन अभियान परिषद के कार्यकर्ताओं, नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधियों, समाजसेवियों तथा बीएसडब्ल्यू एवं एमएसडब्ल्यू के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं अभिनंदन के साथ हुआ। इसके पश्चात नशे के दुष्प्रभाव, मादक पदार्थों से होने वाली शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक हानियों तथा युवाओं की सकारात्मक भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला समन्वयक श्री रत्नेश विजयवर्गीय ने अपने उद्बोधन में कहा कि मादक पदार्थों का सेवन व्यक्ति की प्रतिभा, स्वास्थ्य, परिवार एवं भविष्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज में भी नशा मुक्ति का संदेश पहुँचाकर जनजागरूकता के वाहक बनें। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य जनसहभागिता के माध्यम से स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशा मुक्त समाज का निर्माण करना है।
विकासखंड समन्वयक श्री मुकेश कटारिया ने अपने संबोधन में कहा कि युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं। यदि युवा शिक्षा, संस्कार, खेल, योग एवं सकारात्मक गतिविधियों से जुड़कर नशे से दूर रहेंगे तो विकसित भारत का सपना साकार होगा। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।
श्री सतीश टांक ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। उन्होंने युवाओं को खेल, योग, अध्ययन एवं रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने तथा समाज में नशा विरोधी जनजागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया।
नवांकुर संस्था दुधावती सेवा समिति के अध्यक्ष श्री अमर सिंह झाला ने कहा कि नशा मुक्त समाज के निर्माण में युवाओं, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं सामाजिक संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी को मिलकर इस अभियान को जनआंदोलन बनाना होगा।
इस अवसर पर उपस्थित सभी विद्यार्थियों, कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे तथा अपने परिवार, मित्रों एवं समाज को भी नशा मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। कलापथक दल द्वारा प्रस्तुति दी गईं।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्री महेंद्र सिंह कंथारिया, श्री जगदीश शर्मा (धतुरिया), श्री किशोर सिंह डोडिया (नारायणी), श्री अमर सिंह झाला (दुधावती), परामर्शदाता श्री मिथिलेश जोशी, पूजा सांखला, संदीप सांखला, हेमेंद्र सिंह निगम, श्री ऋषिकांत सिंह पवार, श्री अमित रामावत सहित बीएसडब्ल्यू एवं एमएसडब्ल्यू के छात्र-छात्राएं तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में परामर्शदाता श्री मिथिलेश जोशी ने सभी अतिथियों, विद्यार्थियों एवं सहभागियों का आभार व्यक्त किया। सभी ने “नशा मुक्त भारत – विकसित भारत” के संकल्प को दोहराते हुए समाज को नशा मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

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