138 प्रतिभाओं का हुआ सम्मान, 48 से अधिक उपजातियों के प्रतिनिधियों की रही गरिमामयी उपस्थिति; शिक्षा, संस्कार एवं सामाजिक एकता का दिया संदेश




रतलाम। श्री सर्वब्राह्मण सभा आयोजित प्रतिभा अलंकरण समारोह सामाजिक एकता, शिक्षा, संस्कार एवं प्रतिभा सम्मान का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया। समारोह के मुख्य अतिथि निमिष व्यास रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जी.के. शर्मा ने की, जबकि प्रमुख वक्ता डॉ. मंगलेश्वरी जोशी ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहकर शिक्षा, संस्कार और सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया।
विशिष्ट अतिथियों के रूप में सनातन सोशल ग्रुप के अध्यक्ष अनिल पुरोहित, समाजसेवी प्रेमलता दवे, समाजसेवी अदिति दवेसर एवं एमआईसी सदस्य विशाल शर्मा उपस्थित रहे।
समारोह में शिक्षा, खेल, संगीत एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले 138 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया। खेल क्षेत्र में विशेष उपलब्धि के लिए संजय वशिष्ठ एवं माही व्यास तथा संगीत के क्षेत्र में भुवी व्यास को सम्मानित किया गया।
वहीं संगठन एवं समाजसेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए जी.के. शर्मा, प्रभाकांत उपाध्याय, राजेश चाष्टा, सुरेश दवे, नवदीप शर्मा, पत्रकार राकेश शर्मा, कल्पना पुरोहित, राजेश डोरिया, राधा जोशी एवं प्रथमा कौशिक का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम को सभा के अध्यक्ष नरेंद्र जोशी, कार्यकारी अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी, परामर्शदाता शांतिलाल शर्मा एवं महिला अध्यक्ष सुनीता पाठक ने संबोधित करते हुए समाज में शिक्षा, संगठन, संस्कार एवं सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
समारोह की सबसे उल्लेखनीय विशेषता यह रही कि ब्राह्मण समाज की 48 से अधिक उपजातियों के प्रतिनिधियों ने एक मंच पर अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। बड़ी संख्या में समाजजन अपने परिवार सहित समारोह में शामिल हुए, जिससे आयोजन सामाजिक समरसता, आत्मीयता एवं संगठनात्मक एकजुटता का प्रतीक बन गया। उपस्थित समाजजनों ने इसे ब्राह्मण समाज के इतिहास का एक ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व आयोजन बताया।
कार्यक्रम का सफल संचालन सभा के सचिव नरेंद्र त्रिवेदी ने किया। अंत में ऊषा दुबे एवं नवदीप शर्मा ने सभी अतिथियों, समाजजनों, सहयोगकर्ताओं एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
श्री सर्वब्राह्मण सभा ने आयोजन को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष सहयोग देने वाले सभी वरिष्ठजनों, युवा साथियों, मातृशक्ति, विभिन्न समाजों के अध्यक्षों, सचिवों, पदाधिकारियों, अभिभावकों एवं समस्त समाजजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि समाज की यही एकता, सहभागिता एवं सकारात्मक सोच भविष्य में भी शिक्षा, संस्कृति, युवा प्रोत्साहन एवं सामाजिक समरसता को समर्पित ऐसे प्रेरणादायी आयोजनों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।