- धरना-प्रदर्शन आंदोलन कर मांगों का ज्ञापन सी.एम. के नाम प्रेषित किया
- मांगों का निराकरण नहीं होने पर 22 जुलाई को राजधानी भोपाल में जंगी आंदोलन


रतलाम। राज्य पेंशनरों ज्वलंत न्यायोचित मांगों को लेकर प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसो. म.प्र. के आह्वान पर दूसरे चरणबद्ध आंदोलन दौरान जिला मुख्यालयों पर पेंशनरों का धरना प्रदर्शन किया। जिले में गुलाब उद्यान परिसर में पेंशनरों ने सभा आयोजित कर धरना प्रदर्शन करते हुए सरकार की पेंशन विरोधी, भेदभाव दुर्भावनापूर्ण नीति का पुरजोर विरोध किया। धरना प्रदर्शन स्थल पर सभा के मुख्य अतिथि संयुक्त श्रम संगठन समिति अध्यक्ष आई.एल. पुरोहित ने संबोधन में कहा कि पेंशनर्स संगठनों का लम्बा संघर्ष अंतत: उनके हित में परिणीत होता है। शासन हमेशा वित्तीय स्थिति ठीक नहीं का राग अलापती है। जिसे उच्च न्यायालय ने भी मान्य नहीं किया। धारा 49(6) शासन को शीघ्र समाप्त करना पड़ेगा।
उप प्रांताध्यक्ष कीर्ति कुमार शर्मा ने बताया कि हमेँ अपने हक – अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करना होगा। विगत जितनी भी उपलब्धियां हमें मिली है संघर्ष के कारण ही मिली। मुख्यमंत्री म.प्र. शासन द्वारा पांच लाख पेंशनर्स परिवार पेंशनर्स की न्यायोचित मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया तो तीसरा चरणबद्ध आंदोलन 22 जुलाई 26 को प्रदेश के हजारों पेंशनर्स राजधानी भोपाल में डेरा डालकर आंदोलन करेंगे। कार्यकारी अध्यक्ष एम.एल. भट्ट, सचिव एम.एल. नगावत ने कहा कि प्रजातंत्र में सीर गीने जाते है। हमें संख्या बल मन बल से साझा संघर्ष से आगे बढऩा है तभी हम सरकार से अपना हक ले सकेंगे। महिला पेंशनर्श प्रकोष्ठ सचिव आशा श्रीवास्तव, सह सचिव निलेश जोशी, ओ.पी. टाक, श्याम भाटी, बी.के. जोशी, गोपाल परमार, पिपलौदा अध्यक्ष ओमप्रकाश पोरवाल, कालूराम परमार आलोट, उपाध्यक्ष हरिश कुमार बिंदल, गीता राठौर, रेलवे मेंस एसोसिएशन अध्यक्ष आर.के. सतवानी, जे.सी. राठौड़ ने भी पेंशनर्स आंदोलन को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री म.प्र. शासन को 8 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उपस्थित संगठन के पेंशनर्स साथियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए कलेक्टर प्रतिनिधि तहसीलदार रामचंद्र पांडे को प्रेषित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रारंभ में दुष्यंत कुमार के जन गीत के साथ प्रचार सचिव दुर्गेश सुरोलिया ने किया। आभार हरिश कुमार बिंदल ने माना।