बाल श्रम जिला टास्क फोर्स एवं बंधक श्रम जिला सतर्कता समिति की बैठक संपन्न

रतलाम 1 जुलाई। जिला श्रम पदाधिकारी श्री प्रकाश डुडवे ने बताया कि रतलाम जिले में बाल श्रम जिला टास्क फोर्स एवं बंधक श्रम जिला सतर्कता समिति की संयुक्त बैठक का आयोजन न्यू कलेक्ट्रेट में किया गया। बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन उपस्थित रही ।
जिला श्रम पदाधिकारी ने बताया कि बालक और कुमार श्रम( प्रतिषेध और विनियमन ) अधिनियम 1986 संशोधन 2016 में निहित प्रावधान अनुसार 14 वर्ष से कम आयु के बालकों को किसी भी प्रकार के श्रम कार्य में नियोजित करना प्रतिबंधित है। इसके लिए 6 महीने से 2 साल तक की सजा या और 20000 रुपए से 50000 रुपए तक का जुर्माना किया जाना प्रावधानित है। कुमार अर्थात किशोर की परिभाषा में 14 वर्ष से 18 वर्ष की आयु के लोगों को सम्मिलित किया गया है। गैर परिसंकटमय संस्थानों में कुमार श्रमिकों को नियोजित करने की शर्ते अनुसार कुमार श्रमिक / श्रमिकों को नियोजित करने के पूर्व क्षेत्रीय निरीक्षक को सूचना देना आवश्यक है। धारा 9 के अंतर्गत कार्यरत कुमार श्रमिक / श्रमिकों का नाम, आयु, कार्य के घंटे, प्रकृति आदि विवरण के संबंध में रजिस्टर रखना आवश्यक है। धारा 11 के अंतर्गत कार्यरत कुमार श्रमिक / श्रमिकों से छः घंटे से अधिक कार्य नहीं लिया जा सकता। धारा 7 (5) के अंतर्गत कार्यरत कुमार श्रमिक / श्रमिकों को कार्य प्रारम्भ के 3 घंटे बाद घंटे का विश्राम देना आवश्यक है। धारा 7 (2) के अंतर्गत कार्यरत कुमार श्रमिक / श्रमिकों शाम 7:00 बजे से प्रातः 8:00 बजे तके मध्य कार्य नहीं कराया जा सकता । धारा 7 (4) के अंतर्गत कार्यरत कुमार श्रमिक / श्रमिकों को किसी दिन, 2 संस्थानों में कार्य कार्य नहीं कराया जा सकता । धारा 7 (4) के अंतर्गत कार्यरत कुमार श्रमिक/ श्रमिकों को साप्ताहिक अवकाश देना आवश्यक है। धारा 8 के अंतर्गत कार्यरत कुमार श्रमिक / श्रमिकों को कार्य स्थल पर स्वास्थ्य एवं सुरक्षा प्रदान किया जाना आवश्यक है। धारा 13 के अंतर्गत बंधक श्रमिक वह है जिसे स्वयं अथवा परिवार की मजदूरी के एवज में अग्रिम दिया गया हो, तथा इसके भुगतान और ब्याज की राशि के आधार पर लिखित/अलिखित करार से निरंतर कार्य लिया जा रहा हो। उसकी कार्य अथवा जीविका एवं उत्पादन के विक्रय संबंधी स्वतंत्रता को बाधित किया गया हो। उसे नियम अनुसार मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा हो। किन्ही पारंपरिक एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत अथवा जन्म, जाति, समुदाय के आधार पर किसी ऋण प्रदाता द्वारा भुगतान के एवज में जबरन कार्य लिया जा रहा हो। बंधक श्रमिक पुनर्वास योजना 2021 दिनांक 27/01/22 से प्रभावशील है। योजना के तहत – पुनर्वास हेतु सहायता राशि वयस्क पुरुष हितग्राही हेतु राशि रु 1 लाख प्रदान की जाती है। स्पेशल केटेगरी / अनाथ बच्चें एवं महिलाओं हेतु राशि रुपये 2 लाख प्रदान की जाती है। बंधक श्रमिक जिनका शारीरिक शोषण अथवा मानव तस्करी किया जाता है की स्थिति में राशि रुपये 3 लाख प्रदान की जाती है। बंधक श्रमिकों के विमुक्त होने पर विमुक्ति प्रमाण-पत्र जारी किए जाने की स्थिति में तत्कालिक सहायता राशि रूपए 30,000/- देय है।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा सिंह ने बैठक में निर्देशित किया कि रतलाम जिले से अन्य स्थानों पर श्रम संबंधी कार्य करने वाले लोगों की सूची तैयार की जाए और सूची को प्रवासी श्रमिक पोर्टल पर नामजद जानकारी की प्रविष्टि की जाए। श्रम कार्य के लिए आवागमन करने वाले लोग स्वयं भी अपनी नजदीकी पंचायत में अपना रजिस्ट्रेशन सहजता से करवा सकते हैं। इस संबंध में श्रमिकों के नियोजक एवं ठेकेदारों की सूची भी थाने पर संधारित की जाए , ग्राम सभा में लोगों को इसकी जानकारी दी जाए। कानून का उल्लंघन पाए जाने की दशा में एसडीएम अथवा तहसीलदार के माध्यम से 50000 रुपए तक के बॉन्ड ओवर की कार्रवाई की जाए। इस संबंध में कहीं भी बाल श्रम करते हुए बच्चे दिखाई दे तो इसकी सूचना कोई भी आमजन 1098 नंबर पर दे सकते हैं। कलेक्टर ने श्रम पदाधिकारी को लेबर मार्केट के संबंध में स्थान चयन संबंधी कार्रवाई करने के लिए कहा ताकि श्रमिकों को उचित प्रकार से छायादार स्थान उपलब्ध कराया जा सके। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री सुभाष चंद्र जैन ,श्री शंभू चौधरी, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति ,
श्री सरोज जादोन सीजेपीयू एवं जिला टास्क फोर्स और बंधक श्रम सतर्कता समिति के अन्य सदस्य एवं समिति के अन्य सदस्य आदि उपस्थित रहे ।

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