औद्योगिक क्षेत्र में अतिक्रमण मुक्त कर विकसित हो ग्रीन बेल्ट

एंटरप्रेन्योर कॉफी क्लब (मालवा चेंबर ऑफ कॉमर्स, संभागीय उद्योग संघ, नमकीन एवं अलाईड क्लस्टर) ने उद्योग विभाग महाप्रबंधक को सौंपा ज्ञापन

रतलाम। जावरा रोड हाईवे स्थित डोसी ग्राम के समीप औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न आधारभूत समस्याओं एवं बढ़ते अवैध अतिक्रमण के मुद्दे को लेकर एंटरप्रेन्योर कॉफी क्लब (ECC), रतलाम के प्रतिनिधिमंडल ने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (डीआईसी) के महाप्रबंधक से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने औद्योगिक क्षेत्र के समग्र विकास एवं उद्योगों के सुचारु संचालन के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में वरुण पोरवाल (प्रदेश सचिव, मालवा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज), संदीप व्यास (अध्यक्ष, संभागीय उद्योग संघ), वैभव कुमार जैन (अध्यक्ष, नमकीन एवं अलाईड फूड क्लस्टर) एवं उद्योगपति ललित चोपड़ा शामिल रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने महाप्रबंधक को अवगत कराया कि औद्योगिक क्षेत्र से लगी उद्योग विभाग, नजूल एवं अन्य शासकीय विभागों की भूमि पर लगातार अवैध अतिक्रमण हो रहा है। अनेक स्थानों पर अवैध होर्डिंग्स, झुग्गी-झोपड़ियां, गुमटियां एवं अस्थायी निर्माण किए जाने से शासकीय भूमि पर कब्जे बढ़ रहे हैं। इससे औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, निवेश वातावरण एवं कानून व्यवस्था प्रभावित होने के साथ ही उद्योगों के सुव्यवस्थित विकास पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
ज्ञापन में बताया गया कि हाईवे किनारे लगे अवैध होर्डिंग्स से वाहन चालकों की दृश्यता बाधित हो रही है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। वहीं झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों के अचानक मुख्य सड़क पर आ जाने से गंभीर हादसों की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा अतिक्रमण के कारण क्षेत्र में असामाजिक गतिविधियों की संभावना भी बढ़ रही है, जिससे उद्यमियों एवं औद्योगिक इकाइयों में असुरक्षा का वातावरण निर्मित हो रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त सर्वेक्षण कर सभी अवैध अतिक्रमणों को तत्काल हटाया जाए। साथ ही भूमि का सीमांकन, फेंसिंग, सूचना बोर्ड एवं नियमित निगरानी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो सके। इसके अतिरिक्त हाईवे के दोनों ओर सड़क सुरक्षा में बाधक बने अवैध होर्डिंग्स एवं अन्य संरचनाओं को भी तत्काल हटाने की मांग की गई।
ईसीसी ने अतिक्रमण मुक्त कराई जाने वाली शासकीय भूमि पर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण एवं ग्रीन बेल्ट विकसित करने की अनुमति भी मांगी। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, औद्योगिक क्षेत्र अधिक हरित, स्वच्छ एवं आकर्षक बनेगा तथा भविष्य में पुनः अतिक्रमण की संभावना भी प्रभावी रूप से समाप्त हो सकेगी।
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने औद्योगिक क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषय भी महाप्रबंधक के समक्ष रखे। इनमें वर्षा ऋतु को देखते हुए औद्योगिक क्षेत्र की मुख्य सड़क का शीघ्र संधारण एवं मरम्मत कार्य कराए जाने, संपूर्ण क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटों की समुचित व्यवस्था, उद्योगों एवं श्रमिकों के लिए पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने तथा अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं का त्वरित निराकरण किए जाने की मांग प्रमुख रही। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इन मूलभूत सुविधाओं के अभाव में उद्योगों के संचालन के साथ-साथ हजारों श्रमिकों एवं कर्मचारियों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, महाप्रबंधक अतुल बाजपेई ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी विषयों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विभाग वृक्षारोपण एवं ग्रीन बेल्ट विकसित करने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा। साथ ही अवैध अतिक्रमण की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों के समन्वय से आवश्यक कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ कराने तथा औद्योगिक क्षेत्र की मुख्य सड़क के संधारण, स्ट्रीट लाइट, पेयजल सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याओं के अतिशीघ्र निराकरण के लिए भी प्रभावी पहल की जाएगी, ताकि उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों एवं कर्मचारियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों की सक्रिय पहल से औद्योगिक क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त, सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं हरित स्वरूप प्रदान करने की दिशा में शीघ्र प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। इससे उद्योगों, निवेशकों, श्रमिकों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों को दीर्घकालीन लाभ प्राप्त होगा।

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