रतलाम। सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित किया जा रहा है, जिसमें यह भ्रामक दावा किया गया है कि एक मालगाड़ी को चालक दल द्वारा भोजन खरीदने के लिए बीच मार्ग में रोका गया। यह दावा पूर्णतः असत्य, भ्रामक एवं तथ्यों से परे है।
पश्चिम रेलवे रतम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वास्तविकता यह है कि कॉनकोर ग्रीन फील्ड प्राइवेट टर्मिनस की मालगाड़ी, जिसे लोको संख्या 27237 एवं 27600 संचालित कर रहे थे, राऊ (RAU) यार्ड में पूर्व निर्धारित इंजीनियरिंग कार्य के कारण राऊ होम सिग्नल पर निर्धारित परिचालन कारणों से पहले से ही खड़ी थी। ट्रेन को किसी भी परिस्थिति में भोजन या अन्य निजी कार्य के लिए नहीं रोका गया था।
सोशल मीडिया पर वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति ट्रेन का कार्यरत सहायक लोको पायलट नहीं, बल्कि एक स्पेयर सहायक लोको पायलट है। अधिकृत परिचालन ठहराव के दौरान उसने व्यक्तिगत रूप से भोजन खरीदा। इस दौरान मालगाड़ी को अनमैंड नहीं छोड़ा गया था। ट्रेन का कार्यरत चालक दल (लोको पायलट एवं सहायक लोको पायलट) दोनों इंजनों पर अपनी निर्धारित ड्यूटी पर उपस्थित थे तथा ट्रेन पूरी तरह सुरक्षित एवं निर्धारित परिचालन प्रक्रिया के अनुरूप थी। इस व्यक्तिगत गतिविधि को आधार बनाकर यह गलत एवं भ्रामक प्रचार किया गया कि ट्रेन को भोजन लेने के उद्देश्य से रोका गया था, जबकि यह तथ्य पूरी तरह निराधार है।
इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो को यात्री डेमू (DEMU) ट्रेन से जोड़कर प्रस्तुत किया गया, जबकि संबंधित घटना कॉनकोर ग्रीन फील्ड प्राइवेट टर्मिनस की मालगाड़ी से संबंधित थी। इस प्रकार वीडियो को चुनिंदा तरीके से प्रस्तुत कर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर दिखाया गया, जिससे आमजन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई तथा रेलवे की कार्यप्रणाली के संबंध में गलत धारणा बनाने का प्रयास किया गया।
रेल प्रशासन स्पष्ट करता है कि ट्रेन संचालन निर्धारित परिचालन नियमों एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जाता है तथा किसी भी ट्रेन को व्यक्तिगत सुविधा हेतु नहीं रोका जाता।
रेल प्रशासन आमजन से अपील करता है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी जानकारी पर विश्वास करने अथवा उसे साझा करने से पूर्व उसके तथ्यों की पुष्टि अवश्य करें। भ्रामक एवं अपुष्ट सामग्री का प्रसार न करें तथा केवल रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें।