
इंदौर (राजेश जैन दद्दू) । अकलिकर परम्परा के चतुर्थ पट्टाचार्य आचार्य श्री सुनील सागर जी महामुनि राज 62 पीछी संसघ का 12 जुलाई रविवार को भव्य मंगल प्रवेश, एवं श्रंमण संस्कृति के महान निर्यापक मुनिपुगंव श्री सुधासागर जी महामुनी राज संसघ का भी इंदौर नगर में वर्षायोग संभावित।
इंदौर की पावन धरती पर इस वर्ष दो महान संतों की कृपा दृष्टि एक साथ बरसने का शुभ संकेत मिल रहा है,। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि जिससे समस्त भारत वर्षीय सकल जैन समाज में हर्ष और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण है। समाज के इंद्र वीणा सेठी के अनुसार चतुर्थ पट्टाचार्य परम पूज्य आचार्य श्री 108 सुनील सागर जी महाराज ससंघ का शुभमंगल प्रवेश 12 जुलाई रविवार धर्म नगरी इंदौर में होने जा रहा है। वीतराग वाणी के प्रखर प्रवक्ता और तप-त्याग की प्रतिमूर्ति आचार्य श्री के चरणों से धर्मस्थली नगरी इंदौर पावन होगी। उनके संसघ सान्निध्य में धर्मसभा, प्रवचन और साधना के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे।
वहीं दूसरी ओर दिगंबर जैन समाज समाजिक सांसद के नेतृत्व करता आनंद नवीन गोधा, हर्ष जैन,विजय पाटोदी,एम के जैन,आकाश कोल, अक्षय कासलीवाल राहुल जैन स्पोर्ट्स एवं दद्दू से प्राप्त जानकारी के अनुसार परम पूज्य निर्यापक मुनि पुंगव 108 सुधासागर जी महाराज ससंघ का 2026 का वर्षायोग भी मां अहिल्या की धर्म नगरी इंदौर में होने की अत्यंत प्रबल संभावना* हो गई है। यदि गुरुदेव सुधा सागर जी का वर्षायोग होता है तो यह केवल इंदौर ही नहीं, अपितु सम्पूर्ण मालवा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक आध्यात्मिक पर्व होगा। समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ जैनेन्द्र जैन ने कहा कि परम पूज्य मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज अपने ओजस्वी प्रवचनों, राष्ट्र चेतना, जिनशासन प्रभावना और समाज जागरण के लिए देशभर में सुविख्यात हैं। इनके चातुर्मास में आत्मजागरण, संस्कार निर्माण और धर्म प्रभावना के विराट कार्यक्रम सम्पन्न होते हैं।
इंदौर नगर की सकल जैन समाज का आव्हान सभी समाज ,सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अपील की है कि वे समाज में एकता और समरसता बनाए रखते हुए संतों के आगमन की तैयारियों में तन, मन और धन से सहयोग प्रदान करें। अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लें और अपने बच्चों व युवाओं को संत सान्निध्य से जोड़ें। इंदौर समाज ने संतों को आमंत्रित करने का दायित्व बखुबी निभाया है। अब इस मालवधरा ,पुण्यभूमि को धर्म, साधना और संस्कारों का केंद्र बनाने का समय है।
इंदौर नगर की सकल जैन समाज का आव्हान सभी समाज ,सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अपील की है कि वे समाज में एकता और समरसता बनाए रखते हुए संतों के आगमन की तैयारियों में तन, मन और धन से सहयोग प्रदान करें। अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लें और अपने बच्चों व युवाओं को संत सान्निध्य से जोड़ें। इंदौर समाज ने संतों को आमंत्रित करने का दायित्व बखुबी निभाया है। अब इस मालवधरा ,पुण्यभूमि को धर्म, साधना और संस्कारों का केंद्र बनाने का समय है।