अवैध स्कूल अटैचमेंट की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

आंचलिक पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश टांक, प्रदेश सचिव अभय सुराणा के नेतृत्व में संयुक्त ज्ञापन

जावरा । जिले में निजी विद्यालयों द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act-2009) के उल्लंघन एवं अवैध स्कूल अटैचमेंट के माध्यम से उच्च कक्षाओं के संचालन की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा दोषी विद्यालयों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की मांग हेतु गुरुवार को आंचलिक पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश टांक, राष्ट्रीय महासचिव अभय सुराणा, सचिव रमेश सोनी तथा अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के जिलाध्यक्ष राजकुमार हरण एवं उपाध्यक्ष जगदीशचंद्र हरारिया ने संयुक्त रूप से जिला कलेक्टर को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। पदाधिकारियों द्वारा ज्ञापन में बताया गया कि जिले के कई निजी विद्यालय केवल कक्षा 8वीं, 10वीं तक मान्यता प्राप्त होने के बावजूद अन्य विद्यालयों की मान्यता का सहारा लेकर कक्षा 11वीं, 12वीं का संचालन कर रहें हैं। यह व्यवस्था Rte Act-2009 की धारा 18, 19 एवं अनुसूची के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है।
इससे विद्यार्थियों के भविष्य, शिक्षा की गुणवत्ता तथा शासन की नियामक व्यवस्था पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि प्रत्येक विद्यालय को स्वयं की मान्यता, भवन, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल मैदान, प्रशिक्षित शिक्षक तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के आधार पर ही संचालन की अनुमति दी जाती है। किसी अन्य विद्यालय की मान्यता या संसाधनों के सहारे कक्षाओं का संचालन करना पूर्णतः नियम विरुद्ध है।
ऐसी व्यवस्था से विद्यार्थियों के हित प्रभावित होने के साथ-साथ शासन को भी राजस्व की हानि होती है। दोनों संगठनों ने मांग की कि जिले के सभी निजी विद्यालयों का सक्षम अधिकारियों की संयुक्त टीम से आकस्मिक एवं निष्पक्ष भौतिक सत्यापन कराया जाए। प्रत्येक विद्यालय की मान्यता, आधारभूत सुविधाओं एवं शिक्षक व्यवस्था की जांच कराई जाए इस संदर्भ में
संकुल प्राचार्य से ऐसे विद्यालयों की लिस्ट मंगाई जाए जिसमें यह स्पष्ट हो कि उनके संकुल में मान्यता से अधिक कक्षाएं संचालित हो रही है या नहीं हो रही है। ताकि पारदर्शिता पूरी तरह बनी रहेगी एवं शासन को जो लाखों रुपए का राजस्व की हानि हो रही है वह भी प्राप्त हो जाएगा तथा जहां अवैध अटैचमेंट के माध्यम से कक्षाओं का संचालन पाया जाए। वहां तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए साथ ही भविष्य में ऐसी अनियमितताओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र भी विकसित किया जाए। सुराणा एवं हरण ने बताया कि ज्ञापन की प्रतिलिपि आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल, संयुक्त संचालक लोक शिक्षण उज्जैन तथा जिला शिक्षा अधिकारी रतलाम को भी प्रदान की गई!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Play sound