दस्तावेजों के अभाव में स्कूली बच्चों का प्रवेश न रोका जाए, आवश्यकता पर 3 दिन का समय दें : कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह

कलेक्टर ने ‘मुस्कान अभियान’ की समीक्षा कर दिए निर्देश

रतलाम । कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने शनिवार को कलेक्टर सभागार में जिला शिक्षा केंद्र की विभिन्न योजनाओं एवं ‘मुस्कान अभियान’ की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी स्कूली बच्चे का प्रवेश केवल दस्तावेजों के अभाव में न रोका जाए। आवश्यकता होने पर अभिभावकों को दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए तीन दिन का समय दिया जाए, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
कलेक्टर ने कक्षा 1 से 8 तक शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कम नामांकन वाले विद्यालयों का भौतिक सत्यापन कर अभिभावकों से संपर्क करने तथा तीन दिवस में सुधार नहीं होने पर संबंधितों के विरुद्ध प्रस्तावित कार्रवाई भेजने के निर्देश दिए। निजी विद्यालयों को भी नामांकन अभियान में सक्रिय सहयोग करने के लिए कहा गया।
बैठक में कक्षा 5 उत्तीर्ण सभी विद्यार्थियों का कक्षा 6 में शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने, आंगनवाड़ियों की स्कूल एवं बसाहट के अनुसार सही मैपिंग करने तथा तकनीकी त्रुटियों की जानकारी तीन दिवस में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने अपार आईडी का शत-प्रतिशत निर्माण, शिक्षक एवं विद्यार्थियों की प्रतिदिन ई-अटेंडेंस, ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर पुनः विद्यालय में प्रवेश, कक्षा 3 तक आधारभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान एफएलएन की नियमित मॉनिटरिंग, प्रत्येक माह बाल चौपाल का आयोजन, विद्यालयों में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण एवं जियो-टैग फोटो अपलोड करने तथा जीरो ऑवर में रेमेडियल शिक्षण एवं पुस्तकालय गतिविधियां नियमित संचालित करने के निर्देश दिए।
बैठक के प्रारंभ में जिला परियोजना समन्वयक ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। समीक्षा में बताया गया कि जिले में कक्षा 1 से 8 तक नामांकन में अपेक्षाकृत कम वृद्धि हुई है तथा कई विद्यालयों में कक्षा 1 में प्रवेश लक्ष्य के अनुरूप नहीं है। इस पर कलेक्टर ने गंभीरता व्यक्त करते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों एवं शिक्षा केंद्रों में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मुस्कान अभियान का उद्देश्य 3 से 15 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे का शत-प्रतिशत नामांकन, ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः विद्यालय से जोड़ना तथा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है। सभी अधिकारी एवं विद्यालय प्रमुख निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य पूर्ण करें। लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक, एडीपीसी, योजना अधिकारी, एमआईएस प्रभारी सहित सभी बीआरसीसी, बीएसी एवं एपीसी उपस्थित थे।

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