
रतलाम 13 जुलाई। 40 दिनी पूज्य चालीहा महोत्सव की शुरूवात 16 जुलाई से होगी । 25 अगस्त तक होने वाले धार्मिक आयोजन श्री कालिका माता मंदिर परिसर स्थित श्री झूलेलाल मंदिर पर किए जाएंगे। भगवान झूलेलाल देव के 26 वें वशंज सूर्यवंशीय 1008 परम पूज्य ठाकुर श्री सांई मनीष लाल साहिब जी (भरूचवाला) के सानिध्य में लगातार 11 वें वर्ष भी महोत्सव आस्था एवं श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा ।
सिंधु सेना तथा पूज्य चालीहा महोत्सव समिति के रमेश चोइथानी ने बताया कि भगवान झूलेलाल जी का पूज्य चालिहा साहिब महोत्सव सिंधी समाज का सबसे बड़ा त्यौहार है । सैकड़ों वर्ष पूर्व धर्म की रक्षा के लिए सिंधी समाज के श्रद्धालुओं ने सिंध नदी के किनारे लगातार चालीस दिन तक भूखे प्यासे रहकर तपस्या की थी जब नदी में मछली पर भगवान झूलेलाल जी अवतरित हुए तब भविष्यवाणी हुई थी कि मैं धर्म की रक्षा के लिए अवतार लूंगा । जब से आज तक पूरे भारत वर्ष में सावन माह में चालीहा पर्व 40 दिन तक उपवास कर भगवान झूलेलाल की आराधना कर मनाया जाता है। इस पर्व में चालीस दिन तक रोज पुज्य बहिराणा साहेब बनाया जाता है । बहिराणा साहेब के अन्तर्गत एक ज्योत तथा एक मोदक बनाया जाता है वह सभी प्रकार के अनाज के बनता है । इसमें ड्रायफूट, इलायची, लौंग एवं सुगंधित फुलों से श्रृंगार किया जाता है । आरती, अरदास के पश्चात वह जल में प्रवाहित किया जाता है।
आपने बताया कि हरियाली अमावस्या, 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस जैसे सभी पर्व के साथ ही इस अवसर पर छप्पन भोग भी लगाया जाता है, इस मौके पर फागुन उत्सव एवं गरबारास का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह पर्व का आयोजन सम्पूर्ण सिंधी समाज के सहयोग समाज बंधुओं के साथ मनाया जाएगा । इस अवसर पर सूर्यवंशी 1008 परम पूज्य ठाकुर श्री सांई मनीषलाल साहिब जी (सांई भरूचवाला) के सानिध्य में भगवान झूलेलालजी के पवित्र ग्रंथ श्री अमर कथा का वितरण भी किया जाएगा।
सिंधु सेना तथा पूज्य चालीहा महोत्सव समिति के संरक्षक राजाराम मोतियानी, राम लालचंदानी, रमेश चोइथानी , मुरली अवतानी, चंद्रप्रकाश अवतानी, हाशु कल्याणी, अशोक हेमनानी, मुरली फुलवानी आदि समिति सदस्यों द्वारा समाजबंधुओं से आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है ।