
रतलाम। डॉ. कैलासनाथ काटजू विधि महाविद्यालय, रतलाम में आज 16/07/2026 को कृत्रिम बुद्धिमता (Artificial Intelligence) पर आधारित एक दिवसीय व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता एवं मुख्य अतिथी डॉ. संजय वाते (पूर्व प्राचार्य शा. कला एवं विज्ञान महाविद्यालय एवं सचिव रतलाम एज्यूकेशनल सोसाइटी उपस्थित हुए। उन्होने अपने व्याख्यान में कृत्रिम बुद्धिमता (AI) के विकास के कारण, आधार एवं प्रभावों पर विस्तृत व्याख्यान पावर पाईन्ट प्रस्तुती के माध्यम से प्रस्तुत किया।
उन्हौने कहा की पानी से ज्यादा आज डेटा का उपयोग हो रहा हैं मशीन लर्निंग सिस्टम को ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कहा जाता हैं। सन 1956 से इसकी औपचारिक शुरूआत हुई, सन 1980 में विशेषज्ञ प्रणालियों का विकास हुआ। सन 2012 में इसका उपयोग डीप लर्निंग कांति के रूप में सामने आया। सन 2020 में जनरेटिक ए.आई युग का आरंभ हुआ। कृत्रिम बुद्धिमता के संबंध में सर ने कहा कि, यदि यह जवाबदेही से उपयोग किया जायें तो विकास के शिखर को छु सकता हैं उन्होने ओपेन AI एल्गोरिद्म के साथ AI के लाभ एवं हानियों पर प्रकाश डाला (AI) का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में किया जा रहा हैं जैसे शिक्षा में व्यक्तिगत शिक्षण के प्रयोग हेतु 24 घण्टें डिजिटल ट्यूटर उपलब्ध है, भाषा का अनुवाद उपलब्ध हैं, शिर्षक के अनुसार व्याख्याएं उपलब्ध हैं। चिकित्सा जगत में प्रारंभिक रोगों की पहचान, दवाओं की खोज एवं रोबोटिक सर्जरी में मानव द्वारा कि गई सर्जरी से अधिक लाभकारी हैं। व्यापार जगत में स्वचालन पद्धति का निर्माण, धोखाधड़ी की पहचान एवं पूर्वानुमान विश्लेषण प्रक्रिया का विकास हुआ हैं। भारत में ए.आई ने डिजिटल परिवर्तन, स्टार्टअप नवाचार एवं बहुभाषी मॉडल को विकसीत किया हैं। वैज्ञानिक अध्ययनों में इसकी महत्वपूर्ण भुमिका हैं लेकिन प्रश्न यह हैं कि क्या मशीन नैतिक निर्णय ले सकती हैं? ए.आई अधिकार एवं स्वायत हथियार बहस पर अभी भी चिंतन की आवश्यकता हैं। यह निजता के अधिकार पर खतरा है साथ ही आपके विचारों, लेखों, छायाचित्रों एवं डेटा को श्रृंखलाबद्ध तरीके से प्रबंधित करता हैं। साथ ही डीपफेक, फर्जी समाचार एवं राजनीतिक दूरूपयोग का खतरा हैं।व्याख्यान के अंत में प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया जिसमें विद्यार्थियों के द्वारा पूछे गए प्रश्नों के सकारात्मक उत्तर आदरणीय वाते सर द्वारा दिये गये। कार्यक्रम का स्वागत भाषण प्राचार्य डॉ अनुराधा तिवारी द्वारा प्रस्तुत किया गया एवं आभार व्याख्याता श्रीमती रंजू शर्मा द्वारा किया गया कार्यक्रम का सफल संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ. सोना नगर द्वारा किया गया उक्त व्याख्यानमाला में महाविद्यालय के समस्त शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक स्टाफ एवं नवप्रवेशित विद्यार्थीगण उपस्थित रहे