
इंदौर/ दिल्ली (राजेश जैन दद्दू)। इस वर्ष भारत की राजधानी दिल्ली में चातुर्मास कर रहे श्रमण संस्कृति के महाश्रमण पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के कलश स्थापना समारोह में सम्मिलित इंदौर के वरिष्ठ समाजसेवी आजाद कुमार जैन के नेतृत्व में सेकंडों इंदौरी मुनि भक्तों ने पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी को श्रीफल समर्पित कर उनसे वर्ष 2027 का वर्षायोग (चातुर्मास)
सर सेठ हुकुमचंद एवं मां अहिल्या की धर्म नगरी इंदौर में करने का निवेदन करते हुए आजाद जी ने कहा कि आचार्य श्री वर्ष 2007 में आचार्य पद ग्रहण करने के बाद आपने पहला चातुर्मास तीर्थ स्वरूप आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर इंदौर में किया था जब आपके संघ में सिर्फ तीन एलक थे जिन्हें आपने जनेश्वरी दीक्षा प्रदान कर मुनि बना दिया था ,उसके 10 साल बाद वर्ष 2017 में भी आपने कंचन बाग शमोशरण मंदिर में चातुर्मास किया था तब आपके साथ संघ में आपके द्वारा दीक्षित अनेकों मुनि गण थे। और अब 10 वर्ष बाद इंदौर जैन समाज एवं गुरु भक्तों की भावना है कि आपका वर्ष 2027 का वर्षा योग पुनः इंदौर नगर में हो। समारोह में इस भावना को प्रदर्शित करता एक पोस्टर का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर इंदौर के वरिष्ठ समाजसेवी जैन समाज के राष्ट्रीय नेता हंसमुख गांधी, दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के संगठन मंत्री श्री प्रतिपाल टोंग्या,डॉ जैनेंद्र जैन,सीए अशोक खासगीवाला धर्मेंद्र पाटनी, तरुण जैन, पंकज जैन (पिंकी), मनीष मोना, नेमी बड़कुल, कमलेश पहाड़िया, राकेश शाह,पदम काला आदि गणमान्य उपस्थित थे।