
रतलाम। सरस्वती विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, काटजू नगर, रतलाम में गुरुपूर्णिमा उत्सव श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री विवेक अग्रवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा संस्कारों की पूंजी है तथा गुरु अपने ज्ञान एवं मार्गदर्शन से विद्यार्थियों के जीवन को नई दिशा प्रदान करते हैं।
सरस्वती शिशु शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री वीरेंद्र सखलेचा ने कहा कि गुरु का जीवन में सर्वोच्च स्थान है। गुरु ही हमें अनुशासन, संस्कार एवं जीवन जीने की कला सिखाते हैं। विद्यालय के सचिव श्री शैलेंद्र सुरेका ने अतिथि परिचय देते हुए कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों का भी संचार करते हैं, इसलिए उनके पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर पूजन-अर्चन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। भैया ओजस्व पाठक एवं बहन खनक शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने गुरु महिमा पर आधारित भजन, विचार, दोहे, गीत, नाट्य मंचन व नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। अतिथियों ने विद्यालय के सभी आचार्यों एवं दीदियों का श्रीफल भेंट कर सम्मान एवं अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में श्रीमती सपना अग्रवाल एवं श्री जवाहर चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मंच संचालन दिव्यांशी भाटिया एवं पूजा जोशी दीदी ने किया तथा आभार प्रदर्शन प्राचार्या श्रीमती वत्सला रूनवाल ने व्यक्त किया। उक्त जानकारी विद्यालय की प्रचार-प्रसार प्रमुख श्रीमती अनु वार्ष्णेय द्वारा प्रदान की गई।