

रतलाम । गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा के चलते आज समापन कार्यक्रम में भारत स्काउट गाइड की छात्राओं एवं समस्त विद्यार्थियों ने गुरु पूर्णिमा का उत्सव मनाया।
मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के सह संगठन मंत्री सर्वेशकुमार माथुर एवं सेवानिवृत प्राचार्य हाई स्कूल तंबोलिया के राजेंद्र कुमार मरमट की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ अतिर्तिगणों का स्वागत भारत स्काउट गाइड की छात्राओं एवं गाइड कैप्टन उच्च माध्यमिक शिक्षिका श्री मति ललिता कदम के द्वारा पुष्प व श्रीफल से स्वागत किया गया एवं गुरु सभा का आयोजन किया गया एवं गुरु के रूप में संस्था कीमाध्यमिक शिक्षिका श्रीमती आशा शर्मा सम्मान किया गया साथ ही सभी शिक्षकों का भी छात्र-छात्राओं के द्वारा पुष्प गुच्छ से सम्मान कर आशीर्वाद लिया गया है ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री माथुर ने विद्यार्थियों को आशीर्वाद स्वरुप वचन बोलते हुए कहा की हमारी माता और पिता ही हमारे प्रथम गुरु है हमें देश के लिए ऐसे कार्य करना है जिनसे हमारी पहचान बने और हम अपने माता-पिता का नाम रोशन कर सके अतिथि राजेंद्र मरमत के द्वारा विद्यार्थियों को शुभ आशीष वचन दिए गए और कहा कि शिक्षा औपचारिक और अनौपचारिक दो प्रकार की होती है दोनों का ही हमारे जीवन में महत्व है और हम इसे प्राप्त कर ही जीवन में तरक्की करते हैं। शिक्षकश्री राजीव पंडित के द्वारा छात्रों को उद्बोधन दिया गया कि हमारी माता एवं हमें जो ज्ञान देते हैं वही हमारे प्रथम गुरु है भारत स्काउट गाइड एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा का श्रीमती कदम ने कहा कि हमारी मां हमारे प्रथम गुरु है क्योंकि वह हमें इस दुनिया में नया सवेरा दिखाती है हम उसे मां के ऋणी है जिनके कारण हमने यह संसार पाया है और हम ऋणी उन गुरु के हैं जिन्होंने हमारे जीवन में प्रकाश की ज्योति जगाई और हमें अंधेरे से उजाले की ओर ले हम गुरु के बिना अधूरे हैं गुरु की प्रेरणा से ही हम जीवन में सफलता हासिल करते हैं इसीलिए कहा गया है कि गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पाय बलिहारी गुरु आपकी गोविंद देव बताए अतः गुरु हमारे माता-पिता से भी ऊपर है उनका स्थान सर्वोच्च है ।
इस अवसर पर विद्यालय में शिक्षक आशीष तिवारी, इसरार खान, रमा तिलवानी, सीमा चौहान, आशा शर्मा, जगदीश सोलंकी, प्रवेश पाटीदार हिना, समता आरजू, इशिका साहिबा, सारा मुस्कान आदि छात्र-छात्राएं उपस्थित रही । कार्यक्रम का संचालन गाइड की छात्रा दिव्या ने ओर आभार चित्रलेखा ने माना।