खेत के सेडे की रंजिश को लेकर की गई हत्या के चर्चित मामले में तीन आरोपी को आजीवन कारावास की सजा

रतलाम 31 जुलाई । वैज्ञानिक, फोरेंसिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश रतलाम राजेश नामदेव द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय पारित करते हुए आरोपी विजयसिंह पिता चत्तरसिंह देवड़ा उम्र-36 वर्ष निवासी ग्राम दिवेल, दीपक उर्फ दीपु पिता गिरधारी सोनेर उम्र-38 वर्ष निवासी-38 रेल नगर व जस्सु उर्फ जसवंत पिता सोहनसिंह सोलंकी उम्र- 40 वर्ष निवासी थावरिया बाजार, वर्तमान पता-आरोग्यम् हॉस्पिटल के पास हनुमान मंदिर नाहरपुरा, रतलाम को दोषसिद्ध करते हुए दंडित किया।
प्रकरण की पैरवीकर्ता अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिकारी समरथ पाटीदार ने बताया कि दिनांक 09.11.2024 को थाना सैलाना क्षेत्र की धामनोद चौकी के ग्राम दिवेल में मृतक हिम्मतसिंह पिता करणसिंह जाति राजपुत उम्र 48 साल निवासी ग्राम खेड़ी की मृत्यु की सूचना धामनोद चौकी पर मृतक के भाई चंद्रसिंह द्वारा दी गई। सूचना प्राप्त होते ही धामनोद चौकी प्रभारी आनंद बागवान घटना स्थल ग्राम दिवेल पहुंचे जहा पर मृतक हिम्मतसिंह उसके खेत पर खटीया के पास नीचे जमीन पर मृत पड़ा था मृतक के दोनों हाथ व बाया पैर टूटा हुआ मुडा पड़ा था, हाथ पर चोटे थी और उसके कपड़ो पर खुन लगा था। मौके पर ही मृतक के भाई कमलसिंह ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। मौके पर से आनंद बागवान ने खून लगा हुआ पत्थर, खून लगी हुई गोदडी व घटनास्थल के पास आम के पेड़ के नीचे बीड़ी के अधजल टुकड़े, हरे रंग की बियर की बोतल के टुकड़े जप्त किए।
मृतक सात भाईयो में से चौथे नम्बर का था जो गांव दीवेल में ही रहकर रात्रि में खेत की देखभाल कर खेत पर ही सोता था। बड़ा भाई कमलसिंह अपनी काकी के साथ सुबह अपने खेत पर पहुंचा तो उसे अपना भाई मृत दिखा।
धामनोद चौकी प्रभारी आनंद बागवान को जांच के दौरान मृतक के चचेरे भाई विजयसिंह के मोबाईल में घटना से संबंधित काल रिकार्डिंग मिली। संदेह के आधार पर विजयसिंह से पूछताज करने पर पता चला कि मृतक से खेत के सेड़े के विवाद में विजयसिंह ने अपने दोस्त दीपक एवं जसवंत के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से हत्या की है विजयसिंह का मोबाईल जप्त किया जिसमे काल रिकार्डिंग पाई गई। घटना में शामिल अन्य आरोपी दीपक द्वारा सैलाना न्यायालय में आत्मसमर्पण करने के बाद उसे व अन्य आरोपी जसवंत को गिरफ्तार किया गया व उनसे पूछताज की गई व घटना में उपयोग की गई लकड़ी एवं मोटरसायकल जप्त कि गई।

शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार के अनुसार डीएनए, फॉरेंसिक रिपोर्ट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल विश्लेषण, इलेक्ट्रॉनिक व चिकित्सकीय साक्ष्य तथा अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्य से हत्या के घटनाक्रम की पुष्ट हुई है जिसमें :-
01- आरोपी विजयसिंह व दीपक के बीच हुई बातचीत की रिकार्डिंग की ट्रांस्क्रिप्ट वाइस नमूने का मिलान वाईस लेब भोपाल में करवाए जाने पर इनमें समानता पाई गई।
02- मोबाइल कंपनियों से प्राप्त आरोपीगण की काल डिटेल, कैफ व डेटा विश्लेषण की जानकारी से सिद्ध हुआ कि घटना के पहले व घटना के बाद आरोपीगण लगातार एक दूसरे से संपर्क में थे।
03- मृतक के शव के पास से जप्त गोदडी व दीपक से जप्त लकड़ी पर मृतक हिम्मतसिंह का ब्लड होना पाया गया।
04- जप्त बियर की बोतल के कांच के दुकड़े व बीड़ी के अधजले टुकड़ों पर लार पाई गई जो आरोपी जसवंत की थी।

न्यायालय ने पाया कि घटना के पहले व बाद में सभी आरोपी एक दूसरे से संपर्क में किस कारण से थे एवं आरोपी जसवंत थावरिया बाजार रतलाम का रहनेवाला है और उसके द्वारा उपयोग किए गए बीड़ी के टुकड़े घटना स्थल पर कैसे पहुंचे। पुलिस अधीक्षक रतलाम द्वारा इस प्रकरण को चिह्नित व सनसनीखेज घोषित कर रखा था। आरोपी गिरफ्तारी दिनांक से ही जेल में है।