
रतलाम, 31 जुलाई। आराधना में मन शुद्ध, शांत और प्रफुल्लित होना चाहिए। मन अशांत होगा, तो आराधना में नहीं लगेगा। आराधना के लिए मन ही नहीं वचन, काया, भी शुद्ध होना चाहिए। गुरूदेव का संथारा जहां हुआ, वहां द्रव्य शुद्धि, क्षेत्र, काल, भाव, मन, वचन और काया शुद्धि, इन सभी 7 शुद्धियों का समावेश था। इन शुद्धियों के बिना मुक्ति नहीं मिलती।
ये बात रत्नपुरी के रत्न श्रमण संघीय प्रवर्तक पूज्य श्री प्रकाश मुनिजी मसा निर्भय ने कही। शुक्रवार सुबह नोलाईपुरा स्थित श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल स्थानक में प्रवचन देते हुए उन्होंने मालव केसरी पूज्य गुरुदेव सौभाग्यमल जी मसा के रतलाम में स्थिर वास से जुडे प्रसंग और विभिन्न संतों से जुडे संस्मरण सुनाए। प्रवर्तकश्री ने कहा कि ये स्थानक गुरूदेव के शुभ परमाणुओं से भरा हुआ है। पहले संत एक-दूसरे का बहुत सम्मान करते थे। उनका व्यवहार और विनय दक्षता अनुकरणीय होती थी। वे शुद्ध मन से सबसे मिलते थे और अपनी अमिट छाप छोडते थे। ऐसी साधक आत्माएं मन, वचन, काया का सदुपयोग करके अमर हो जाती है।
प्रवर्तकश्री ने कहा कि पूज्य गुरूदेव मालव केसरी श्री सौभाग्यमलजी मसा के रतलाम में स्थिर वास करने से ये क्षेत्र मजबूत बना। कई घर-परिवार परंपरा से जुडे और संघ को मजबूत किया। उनकी स्मृतियां कभी भुलाए नहीं भूली जा सकती। उनके आदर्शों पर चलकर प्रत्येक श्रावक-श्राविकाएं अपना आत्म कल्याण कर सकती है।
उपप्रर्वतनी, महासती, प्रवचन प्रभाविका श्री सुमनप्रभाजी मसा ने भी गुरू महिमा का वर्णन किया। इस दौरान प्रवर्तकश्री ने कई तपस्वियों को अलग-अलग तप आराधना के प्रत्याख्यान कराए। प्रवचन के दौरान सेवाभावी श्री दर्शनमुनिजी मसा, उपप्रर्वतनी, महासती, प्रवचन प्रभाविका श्री सुमनप्रभाजी मसा ठाणा-8 एवं महासती श्री चंदनबालाजी मसा एवं सेवाभावी श्री कल्पनाजी मसा मंचासीन रहे। संचालन चातुर्मास समिति के मंत्री रखब चत्तर ने किया। श्री संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश मूणत ने बताया कि 1 अगस्त शनिवार से प्रवर्तकश्री के प्रवचन प्रतिदिन सुबह 9 बजे मोहन टाकीज स्थित श्री सौभाग्य प्रकाश दरबार में होंगे। श्री धर्मदास जैन श्री संघ सदस्यगण, श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल ट्रस्ट, श्री सौभाग्य तीर्थ ट्रस्ट, श्री सौभाग्य जैन नवयुवक मंडल, श्री सौभाग्य प्रकाश युवक मंडल, श्री सौभाग्य जैन महिला मंडल, श्री सौभाग्य अणु बहु मंडल एवं श्री सौभाग्य प्रकाश बालक-बालिका मंडल ने गुरूभक्तों से अधिक से अधिक उपस्थित रहने का आव्हान किया है।