

रतलाम । सरस्वती शिशु मंदिर काटजू नगर रतलाम में नवप्रवेशित 30 नन्हे भैया-बहिनों का विद्यारंभ संस्कार भारतीय संस्कृति एवं वैदिक परंपरा के अनुरूप श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
संस्कार के अंतर्गत उपस्थित माताओं ने अपने नन्हे भैया-बहिनों को प्रथम अक्षर लिखवाकर उनके ज्ञानार्जन की शुभ शुरुआत कराई। इस अवसर पर शिक्षा के साथ संस्कारों के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया तथा अभिभावकों को बालकों के सर्वांगीण विकास में उनकी भूमिका से अवगत कराया गया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष श्री वीरेंद्र सखलेचा, सचिव श्री शैलेन्द्र सुरेका, उपाध्यक्ष श्री सुनील लाठी, वरिष्ठ सदस्य श्री जवाहर चौधरी, प्राचार्य श्रीमती वत्सला रुनवाल शिशु वाटिका प्रमुख श्रीमती मीना शर्मा तथा शिशु वाटिका की समस्त दीदीयों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने सहभागिता करते हुए विद्यालय की संस्कारप्रधान शिक्षा पद्धति की सराहना की। वैदिक वातावरण में संपन्न यह विद्यारंभ संस्कार सभी के लिए प्रेरणादायी एवं भावपूर्ण रहा। अंत में सभी नवप्रवेशित भैया-बहिनों के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं संस्कारयुक्त जीवन की मंगलकामनाओं के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।