
इंदौर (राजेश जैन दद्दू)। दलाल बाग स्थित देशना मंडप में गुरु देव ने कहा कि हर ग्रहस्थ को अपने जीते जी किसी अन्य को अपना उत्तराधिकारी बनाकर सन्यास ले लेना चाहिए। जिंदगी में तुम कभी भी किसी की मजबूरी का फायदा मत उठाना उसकी मदद करना और मदद के रूप में उसे जो कुछ भी दो उससे वापस मत लेना दान समझकर देना गृहस्थी में रहकर गृहस्थ के रूप में किसी का भी न तो कल्याण हो सकता है न ही मोक्ष मिल सकता है, निग्रंथ दिगंबर मुनि बनकर एवं समाधि पूर्वक मरण करने पर ही कल्याण होगा। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि गुरुदेव ने अपनी मंगल देशना में आगे कहा कि तुम शास्त्र इसलिए मत पढ़ना कि मैं ज्ञानी हो जाऊंगा बल्कि इसलिए पढ़ना कि मुझे कोई ठग ना पाए। लंबा तिलक, मीठी वाणी, और तिरछी टोपी ठग की पहचान है।
इंदौर की जनता बहुत सीधी सादी है अर्थात मूसरचंद है लेकिन यहां के नेता चतुर है उनके बहकावे में जनता आ जाती है।
जैन धर्म ही एकमात्र ऐसा धर्म है जिसकी आचार संहिता और नियमों के पालन में कभी भी किसी को भी छूट नहीं दी जा सकती है न मुनियों को न ग्रहस्थ को। मैं आपको प्रवचन के माध्यम से धर्म की पहचान नहीं कराऊंगा अधर्म से बचाऊंगा।
धर्म सभा में समाज श्रेष्ठी अक्षय कासलीवाल,आकाश कोल विनोद डोसी धर्मेन्द्र सिनकेम राहुल जैन स्पोर्ट्स राजेश जैन दद्दू आदि समाज जन उपस्थित थे।