हिंसा करना करवाना, समर्थन देना, उसके लिए उकसाना लोकतंत्र की हत्या करने के समान है – राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश

मेहसाना (सिमंधर स्वामी जैन मंदिर 8 मई 2021) । हिंसा करना करवाना समर्थन देना उसके लिए उकसाना लोकतंत्र की हत्या करने के समान है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने सिमंधर स्वामी जैन मंदिर मै व्यक्त करते हुए कहा कि हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है लोकतंत्र में हिंसा को कोई स्थान नहीं है ।
उन्होंने कहा कि हिंसा करने वाली मानवता के शत्रु और देश के दुश्मन है कानून को हाथ में लेने की इजाजत सरकार को नहीं देनी चाहिए ।
राष्ट्रसंत कमलेश ने बताया कि हिंसा के मार्ग पर चलकर कोई कॉम जाति या देश उत्थान मार्ग की ओर अग्रसर नहीं हो सकता । राष्ट्रसंत ने स्पष्ट बताया कि हिंसा की लपटें निर्दोष को शिकार बनाती है असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए .
राष्ट्रसंत ने कहा कि विश्व का कोई भी धर्म हिंसा फैलाने की इजाजत नहीं देता हिंसा अपने आप में अधर्म और पाप है । मूर्तिपूजक वरिष्ठ संत कलापूर्ण विजय ने कहा कि आग से आग नहीं बुझाई जा सकती वैसे ही हिंसा से हिंसा को समाप्त नहीं किया जा सकता अहिंसा की महान शक्ति ही विश्व को विनाश से बचा सकती है दोनों महान संतों का मधुर मिलन हुआ ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा हुई ।