जो मन से, वचन से काय से पवित्र हैं उन पर कभी कुदृष्टि मत डालो – सुधा सागर जी

इंदौर (राजेश जैन दद्दू) । आज गुरुवार को श्रमण संस्कृति के महाश्रमण मुनि पुंगव श्री सुधा सागर जी महाराज ने दलाल बैग देशना मंडप में प्रवचन देते हुए कहा कि जो मन से वचन से काय से पवित्र हैं उन पर कभी कुदृष्टि मत डालो, रावण ने सीता पर कुदृष्टि डालकर उन्हें अपने बस में करने का पाप किया था तो आज तक प्रतिवर्ष दशहरे पर उसका दहन किया जा रहा है। दुनिया में 90% लोग दूसरों की खुशी और तरक्की देखकर जलते हैं उनसे ईर्ष्या करते हैं। मुनि श्री ने कहा कि बड़े लोगों से उनकी तरक्की और खुशी से ईर्ष्या मत करो उन्हें बद्दुआ मत दो ऐसा करने पर तुम सबसे श्रेष्ठ और विनम्र व्यक्ति कहलाओगे।
नारी यदि स्त्री पर्याय से छुटकारा पाना चाहती है तो प्रत्येक नारी यह नियम ले ले कि मैं स्वयं तो मुनि नहीं बन सकती लेकिन अपने एक बेटे को ऐसे संस्कार दूंगी कि वह मुनि बने। आचार्य विद्यासागर जी को मुनि बनने की प्रेरणा उनकी मां श्रीमंती ने ही दी थी। भ्रष्ट और पतित लोगों से ज्यादा खतरा उन लोगों से है जो स्वयं पतित, पापी और भ्रष्ट होकर दूसरों को भी ऐसा ही बनाने का प्रयास करते हैं ऐसे लोग महा पापी कहलाते हैं। मुनि श्री ने रक्षाबंधन की पूर्व बेला पर युवतियों से आवाहन किया की वह आज यह नियम ले लें कि जो भाई प्रतिदिन देव दर्शन और अभिषेक पूजन का नियम लेगा उसी को मैं राखी बांधूंगी।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने कहा कि कल रक्षा बंधन विधान होगा। विधान के संयोजक विपुल बांझल, भूपेंद्र जैन, श्रुत जैन, और कमल जैन ने बताया कि कल सुबह 6:00 बजे दलाल बाग विद्या सुधा देशना मंडप में विधान के पूर्व गुरु देव के मुखारविंद से बृहद शांति धारा होगी। धर्म प्रभावना समिति के आकाश कोल, हर्ष जैन, सपना मनीष गोधा, आनंद नवीन गोधा ने समस्त समाज जन से आह्वान किया कि विधान में सम्मिलित होकर अपने जीवन को धन्य करें। धर्म सभा का संचालन अनुराग जैन ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *