राजबाड़ा,पंढरीनाथ पर पारंपरिक रूप से हुआ समापन

इंदौर। जल झुलनी एकादशी के पावन पर्व पर वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार श्री सकल पंच राठौर समाज, इंदौर का डोल चल समारोह धूमधाम एवं भक्तिभाव के साथ निकाला गया। समाजवादी इंदिरा नगर स्थित राठौर विद्या निकेतन से प्रारंभ हुए इस चल समारोह में लगभग 110 वर्ष प्राचीन डोल में प्रभु श्री लड्डू गोपाल एवं राधा रानी को विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया।
डोल चल समारोह का शुभारंभ श्री सकल पंच राठौर समाज इंदौर के अध्यक्ष श्री ललित राठौर, बगीची निर्माण संयोजक सोनू राठौर, संरक्षक विनोद राठौर दादा, श्री राम मंदिर निर्माण समिति संयोजक हरिश राठौर ‘लड्डू’, विजय देवड़ा, बगीची निर्माण समिति से अशोक राठौर, महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती संगीता देवड़ा सहित समाज के वरिष्ठजनों के सानिध्य में हुआ।
विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं आरती के बाद डोल को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर मालवी पगड़ी धारण किए समाज के पदाधिकारियों का पुष्पमाला एवं दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया गया। समाजजनों ने पूरे उत्साह एवं श्रद्धाभाव के साथ चल समारोह में सहभागिता की। मार्ग में श्रद्धालुओं ने प्रभु श्री लड्डू गोपाल एवं राधा रानी की पूजा-अर्चना कर आरती की। डोल के दर्शन के लिए मार्ग में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
श्री सकल पंच राठौर समाज अध्यक्ष श्री ललित राठौर, श्री राम मंदिर निर्माण समिति अध्यक्ष श्री गोविंद राठौर, महामंत्री श्री नितिन राठौर एवं युवा संगठन अध्यक्ष लक्की राठौर(हर्ष) ने बताया कि डोल में प्रभु श्री लड्डू गोपाल एवं राधा रानी को विराजमान करने के पश्चात समाजबंधुओं की उपस्थिति में विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं आरती की गई। इसके बाद डोल पारंपरिक मार्ग से नगर भ्रमण करते हुए राजबाड़ा पहुंचा, जहां विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों द्वारा मंचों से डोल का भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया।
चल समारोह के दौरान अखाड़े की विशेष प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही। अखाड़े में अंकित राठौर, गौरव राठौर एवं पीयूष राठौर ने विभिन्न रोमांचक एवं हैरतअंगेज करतबों का शानदार प्रदर्शन किया। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने उपस्थित श्रद्धालुओं में उत्साह भर दिया और डोल चल समारोह की भव्यता को और बढ़ा दिया।
राजबाड़ा क्षेत्र में विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, पार्षद जितेंद्र राठौर एवं पार्षद मीता रामबाबू राठौर सहित जनप्रतिनिधियों एवं समाजजनों ने डोल का स्वागत किया। इसके पश्चात डोल चल समारोह अपने पारंपरिक मार्ग से पंढरीनाथ पहुंचा, जहां विधि-विधान एवं धार्मिक परंपराओं के साथ समारोह का पारंपरिक रूप से समापन हुआ।
इस अवसर पर संरक्षक देवकरण राठौर, राजेंद्र राठौर सोनी, मंजूश्री बोडाना, अर्चना राठौर, बड़े राजू राठौर, छगनलाल राठौर, कमल राठौर काका, पंडित नरेंद्र राठौर, भावना गहलोत, संगीता राठौर, गगन राठौर, मुरलीधर राठौर, मयकदीप राठौर,चेतन राठौर, मयंक राठौर घड़ी, कुणाल राठौर, शुभम राठौर, नीलांशु राठौर एवं रितिक राठौर, वंदना राठौर, प्रमिला राठौर, हेमा राठौर, बृजबाला राठौर, गीता राठौर, नीतू राठौर, सलोनी राठौर, मयकदीप राठौर,चेतन राठौर, विनोद राठौर, कुणाल राठौर, शुभम राठौर, नीलांशु राठौर एवं रितिक राठौर, जानकी राठौर संतोष राठौर , राजमणि राठौर, शिवकन्या राठौर उषा देवड़ा, सुनीता देवड़ा घणी बई तारा राठौर, आशा राठौर, प्रेमलता राठौर ,लता राठौर, रीताजी, गीता राठौर,रंजीताजी डिम्पल राठौर ,रेणुका राठौरमोनिका जी वैशाली राठौर, प्रियंका राठौर जयश्री राठौर, आरती देवड़ा सपना देवड़ा, रूपा राठौर रानी राठौर रेखा राठौर सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।