निर्वाणा गार्डन में सेवा का अद्भुत उदाहरण – 5,000 शिविरार्थियों की व्यवस्था बनी मिसाल, वीर बाहुबली ग्रुप की टीम को साधुवाद

इंदौर(राजेश जैन दद्दू) । दो दिन पूर्व निर्वाणा गार्डन इंदौर में श्रावक संस्कार शिविर में जाने का अवसर मिला। वहाँ जाकर शिविरार्थियों के रुकने, स्नान एवं नित्यकर्म की व्यवस्थाओं को देखने और समझने का अवसर मिला। वहाँ वीर बाहुबली ग्रुप के प्रिंस जैन अमित जैन गोलू , आशीष, मनीष और उदित, एवं पवन सिघंई ने पूरा पंडाल एवं अन्य समस्त व्यवस्थाओं की जानकारी विस्तार से दी।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू के साथ अभय जैन, अरविंद सोधीया राजेन्द्र नायक ने अवलोकन कर काहा की निश्चित रूप से वीरबाहुबली ग्रुप टीम की परिकल्पना और उसे धरातल पर उतारने की क्षमता अनोखी एवं अद्वितीय थी। व्यवस्था का विराट स्वरूप -*पाँच विशाल डोम बनाए गए थे, प्रत्येक डोम में लगभग 1,000 शिविरार्थियों के रुकने की व्यवस्था थी।

  • सभी 5,000 शिविरार्थियों के सोने की उत्तम व्यवस्था।
  • किसी भी आपात स्थिति के लिए एम्बुलेंस की 24 घंटे व्यवस्था।
  • पाँच-सात बड़े पानी के टैंकरों को आपस में जोड़कर लगभग 300 टॉयलेट्स तक निरंतर पानी पहुँचाना — यह अपने आप में एक इंजीनियरिंग जैसा कार्य था।
  • प्रतिदिन उन सभी 300 टॉयलेट की तकनीकी रूप से सफाई करवाना।
  • लगभग 5,000 लोगों के प्रतिदिन स्नान की गर्म पानी सहित व्यवस्था — यह अपने आप में एक बहुत बड़ी चुनौती थी।

सेवा में समर्पण की परीक्षा –
इसके साथ सबसे बड़ी बात थी हर व्यक्ति की अलग आवश्यकता, अलग-अलग अपेक्षा और अलग परिस्थिति। जहाँ अपेक्षा पूरी हो सके, वहाँ उसे तुरंत पूरा करना और जहाँ संभव न हो, वहाँ भी धैर्य और संतुष्टि के साथ समाधान देना — यह निश्चित रूप से बहुत पेशेंस और समर्पण का कार्य है। दद्दू को ये बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता है कि निर्वाणा गार्डन में लगी पूरी टीम ने इस कठिन कार्य को जिस कुशलता, विनम्रता और समर्पण से पूरा किया, वह वास्तव में अभिनंदनीय है। पूरी टीम ने न केवल एक कठिन व्यवस्था को सफल बनाया, बल्कि इंदौर में संपन्न हुए इस ऐतिहासिक श्रावक संस्कार शिविर को अद्वितीय और अविस्मरणीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऐसी निस्वार्थ सेवा ही जैन धर्म के सच्चे संस्कारों को दर्शाती है। पूरी वीर बाहुबली ग्रुप की टीम को हृदय से बहुत-बहुत साधुवाद एवं अभिनंदन।

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