


दिल्ली/कोडरमा। पिछले साल कोरोना की वजह से मार्च, 2020 में जब भारत में लॉकडाउन शुरू हुआ था तब से मैं अर्हम ध्यान योग की क्लास अजय जैन एडवोकेट दिल्ली (कोडरमा निवासी,दिल्ली प्रवासी) अपने गुरु मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के आशीर्वाद से प्रात: काल 5.30 से 6.40 ऑनलाइन जूम एप के माध्यम से नि:स्वार्थ भाव से नियमित, निरंतर एवं नि:शुल्क कर रहा हूं जिससे देश एवं विदेशों के अनेक लोग स्वास्थ लाभ उठा रहे हैं जिसमें अमेरिका एवं ब्रिटेन के भी लोग हैं । इस प्रकार अजय ने अब तक 400 से ज्यादा ऑनलाइन अर्हम ध्यान योग की क्लास निर्बाध रूप से एवं नियमित रूप से पूरा कराया है जो अभी तक निरंतर जारी है।
वर्तमान में ,अजय ने अमेरिका के लिए भी एक क्लास हर रविवार को अमेरिकावासियों के लिए अर्हम ध्यान योग कराने के लिए चालू किया है जिसमें कई लोग अर्हम ध्यान योग का लाभ उठा रहे हैं। अर्हम ध्यान योग की नियमित क्लास से हजारों लोगों को मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य लाभ मिला है , जिससे उनको कोरोना जैसी महामारी से लडऩे में सहायता मिली है ।
अभी हाल ही में क्लास के करीब 15 -20 लोगों को कोरोना पॉजिटिव हो गए थे लेकिन वह सब निरंतर अर्हम ध्यान योग करते रहें और उनको किसी को भी डॉक्टर या हॉस्पिटल की सहायता लेने की आवश्यकता नहीं पड़ी।
पिछले वर्ष बीच-बीच में कई बड़े बड़े आयोजनो मैं भी अर्हम ध्यान योग करवाया था, जिससे देश और विदेशों में भी हजारों लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिला ।
इस प्रकार के एक आयोजन, जो कि ग्लोबल वैलनेस फोरम के द्वारा अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम 23 अक्टूबर, 2020 से 25 अक्टूबर,2020 आयोजित किया गया था, जिसमें 14 कंट्री ने भाग लिया था उसमें मुझे Top-v® GWF Excellent Performance Award-2020 से भी पुरस्कृत किया गया था।
फोन पर अजय ने बताया कि अभी हाल ही में रविवार 2 मई 2021 को सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की तरफ से अर्हम ध्यान योग के लिए मुझे आमंत्रित किया गया था जिसमें मैंने सुप्रीम कोर्ट के बहुत सारे एडवोकेट को अर्हम ध्यान योग कराया जिसमें सीनियर एडवोकेट भी थे । सभी को स्वास्थ्य व मानसिक लाभ मिला एवं उन्होंने अर्हम ध्यान योग के लाभ की प्रशंसा की।
ऑनलाइन अर्हमध्यान योग के जो नियमित साधक एवं साधिकाए उनमें कई लोगों को अर्हम ध्यान योग के माध्यम से मानसिक एवं शारीरिक रोगों से भी छुटकारा मिला है।
वर्तमान के कोरोना के समय में जहां लोग मानसिक रूप से ज्यादा परेशान हैं क्योंकि कई लोगों के परिजन बिछड़ गए, कई लोगों को हॉस्पिटल में बेड नहीं मिल रहा है, तो किसी को डॉक्टर की मदद नहीं मिल रही है , तो किसी को ऑक्सीजन नहीं मिल रहा है, तो किसी का जॉब लॉस हो गया, तो किसी का बिजनेस लॉस हो गया इस प्रकार के कई प्रकार के मानसिक प्रताडऩाओं को झेलना पड़ रहा है और कई लोग अपना मानसिक संतुलन खो रहे हैं जिसमें डिप्रेशन और एंग्जाइटी संबंधी बीमारियो का शिकार हो रहे हैं ।इस परिपेक्ष में, अर्हम ध्यान योग एक मील का पत्थर साबित हो रहा है क्योंकि इसमें हमारी मानसिक स्वस्थता जबरदस्त मजबूत होती है। जब हमारा मन शांत और मजबूत होगा तो हमारा शरीर भी स्वस्थ रहेगा क्योंकि हमारी शरीर की स्वस्थता मानसिक विचारों पर निर्भर करती है।
अत: मैं सभी को सलाह दूंगा कि अर्हम ध्यान योग को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं जोकि बहुत कम समय में किया जा सकता है, और अपने मन और शरीर को स्वस्थ एवं मजबूत रखें ।
अर्हम योग में ज़ूम ऐप के द्वारा कोडरमा से संजय-बबिता जैन,धनबाद से मनोज-बन्दना, कोलकोता से रितु-संजय जी,चैन्नई से सरिता ,बंगलोर से वाराणसी से,जयपुर से,ग्वालियर के साथ सेकड़ो लोग इस ज़ूम में शामिल होकर अर्हम योग अपना रहे है । उक्त जानकारी कोडरमा मीडिया प्रभारी राज कुमार अजमेरा, नवीन जैन ने दी ।