शांतिलाल तातेड के नेत्रदान से दो जीवनों में रोशनी की उम्मीद

परिजनों की सहमति से नेत्रदान, नेत्रम संस्था के प्रयास से सुबह 5 बजे संपन्न हुई प्रक्रिया

रतलाम। संत नगर, त्रिवेणी रोड निवासी स्व. सागरमल तातेड, शिवगढ़ वाले के सुपुत्र शांतिलाल तातेड के आकस्मिक निधन के पश्चात उनके परिजनों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए नेत्रदान की सहमति प्रदान की। परिवार के इस निर्णय से स्व. शांतिलाल तातेड की स्मृति समाजसेवा एवं मानव कल्याण से जुड़ गई।
नेत्रम संस्था के दीपक तातेड, शिवगढ़ की प्रेरणा से पुत्र राकेश तातेड एवं मुकेश तातेड ने नेत्रदान के लिए अपनी सहमति दी। परिजनों के इस मानवीय निर्णय से दो जरूरतमंद व्यक्तियों के जीवन में रोशनी आने की उम्मीद जगी है।
नेत्रम संस्था के हेमन्त मूणत ने बताया कि परिजनों की सहमति मिलते ही गीता भवन न्यास, बड़नगर के ट्रस्टी एवं नेत्रदान प्रभारी डॉ. जी.एल. ददरवाल को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही डॉ. ददरवाल ने अपनी सेवा भावना और तत्परता का परिचय देते हुए रात्रि में ही बड़नगर से रतलाम के लिए प्रस्थान किया और सुबह लगभग 5 बजे चिकित्सकीय टीम के सहयोग से नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न कराई।
नेत्रदान के लिए समय की संवेदनशीलता को देखते हुए डॉ. जी.एल. ददरवाल द्वारा तत्काल रतलाम पहुंचकर प्रक्रिया संपन्न कराना उनकी निःस्वार्थ सेवा, समर्पण और नेत्रदान के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनकी तत्पर सेवाओं के कारण समय पर नेत्रदान संभव हो सका।
इस अवसर पर परिजन एवं स्नेहीजन उपस्थित रहे। परिजनों ने स्व. शांतिलाल तातेड की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए नेत्रदान जैसा पुनीत कार्य कर समाज के सामने प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया।

समाज के नाम अपील
मृत्यु जीवन का अंत है, लेकिन नेत्रदान किसी और के जीवन में नई शुरुआत बन सकता है। आपके जाने के बाद आपकी आंखें किसी जरूरतमंद के जीवन में रोशनी बन सकती हैं। इसलिए स्वयं नेत्रदान का संकल्प लें और अपने परिवारजनों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
नेत्रदान महादान है — आपकी आंखें, किसी की नई सुबह।
नेत्रदान के लिए नेत्रम संस्था से संपर्क कर समाज में रोशनी की इस मुहिम का हिस्सा बनें।

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