उत्तम पुरूष में कभी दीनता नहीं आती -श्रमण संघीय प्रवर्तक श्री प्रकाश मुनिजी मसा

  • महासती चंद्रयशाजी के 56 उपवास पूर्ण
  • लिमडी श्रीसंघ ने की पधारने की विनंती
  • मासक्षमण तपस्वी का किया बहुमान

रतलाम। मालव केसरी पूज्य गुरुदेव सौभाग्यमल जी मसा के सुशिष्य, रत्नपुरी के रत्न, श्रमण संघीय प्रवर्तक पूज्य श्री प्रकाश मुनिजी मसा निर्भय की निश्रा में तपस्या की झडी जारी है। तप चक्रेश्वरी वीर वागेश्वरी पूज्या महासती श्री चंद्रयशाजी मसा ने 56 उपवास पूर्ण कर लिए है। अब तक 15 मासक्षमण और अन्य कठिन तप आराधनाएं पूरी हुई है। लिमडी श्री संघ ने बुधवार को प्रवर्तकश्री से चातुर्मास पश्चात लिमडी पधारने की विनंती की।
गुजरात से आए लिमडी श्री संघ में संघ प्रमुख हंसमुख लाल गोलेचा एवं राजु भाई कर्णावत आदि शामिल रहे। इससे पूर्व प्रवर्तकश्री से अनिता विकास चैपडा ने 31 उपवास के प्रत्याख्यान लिए। चातुर्मास आयोजन समिति एवं श्री संघ द्वारा मासक्षमण की दीर्घ तप आराधना करने पर उनका बहुमान किया। प्रवर्तकश्री से पूजा-हेमंत गंग व मोनिका-लोकेश मेहता ने 26 उपवास, जोली-राजेन्द्र गादिया व अन्य ने 24 उपवास एवं केतन-सुनील गांधी, माला जैन व मुस्कान-महेश कटकानी ने 23-23 उपवास के प्रत्याख्यान लिए। कई तपस्वियांे ने सिद्धि तप उपवास व एकासन, एकांतर उपवास,निरंतर एकासन आदि के प्रत्याख्यान भी लिए।
मोहन टाकीज स्थित श्री सौभाग्य प्रकाश दरबार में इससे पूर्व धर्मसभा को संबोधित करते हुए प्रवर्तकश्री ने कहा कि उत्तम में उत्तम पुरूष वे होते है, जिनमें कभी दीनता नहीं आती। भगवान ने भी कष्ट सहे, पर दीनता नहीं दिखाई। यदि संकल्प दृढ होता है और उत्साह से कार्य किया जाता है, तो उसमें सफलता अवश्य मिलती है। धर्म साधना का क्षेत्र ऐसा ही है, इसमें उत्साह पूर्वक आगे बढते रहना चाहिए। ये मानकर चलना चाहिए कि साधना कभी निष्फल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि भक्ति भाव से साधना करते है, तो भगवान का नाम लेने मात्र से शरीर में उर्जा का संचार होता है।
धर्मसभा को आरंभ में प्रवचन प्रभाविका श्री सुमनप्रभाजी मसा ने संबोधित किया। इस मौके पर अहमद नगर, पूना नासिक सूरत खाचरौद, नागदा, उज्जैन आदि कई स्थानों के संघ सदस्य प्रवर्तकश्री के दर्शन-वंदन के लिए रतलाम पहुंचे। धर्मसभा का संचालन प्रकाश मूणत एवं आयुष गंग ने किया। इस दौरान सेवाभावी श्री दर्शनमुनिजी मसा, प्रवचन प्रभाविका श्री सुमनप्रभाजी मसा ठाणा-8, महासती श्री चंदनबालाजी मसा, महासती श्री कल्पनाजी मसा मंचासीन रहे। धर्मसभा में श्री धर्मदास जैन श्री संघ के सदस्यगण, श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल ट्रस्ट, श्री सौभाग्य तीर्थ ट्रस्ट, श्री सौभाग्य जैन नवयुवक मंडल, श्री सौभाग्य प्रकाश युवक मंडल, श्री सौभाग्य जैन महिला मंडल, श्री सौभाग्य अणु बहु मंडल एवं श्री सौभाग्य प्रकाश बालक-बालिका मंडल के सदस्यगण उपस्थित रहे।

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