
जावरा (अभय सुराणा) । जैन सोशल ग्रुप, जावरा सेंट्रल द्वारा शास्त्रों के अनुरूप जीव आहार योजना का आयोजन करते हुए श्राद्ध पक्ष की अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण तिथि, सर्वपितृ अमावस्या का शास्त्रों में विशेष महत्व बताया गया है। इसी दिन पितरों की आत्मा की तृप्ति के लिए किया गया दान अक्षय फल देता है। इसी पावन मान्यता को सार्थक करते हुए सेंट्रल परिवार द्वारा लाभार्थी श्रीमान अंतिम सोनल जी कियावत परिवार द्वारा जीव आहार योजना के अंतर्गत जीवदया सोसायटी दादावाड़ी रोड स्थित गौशाला में महा जीवदया कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अध्य्क्ष संजय सुराणा ने योजना की जानकारी देते हुए कहा कि शास्त्र कहते हैं -अहिंसा परमो धर्म: , जीवदया ही सच्चा श्राद्ध है।”
दान में अन्नदान श्रेष्ठ है और जब वह दान किसी मूक, बेजुबान जीव को दिया जाए तो उसका फल हजारों गुना बढ़ जाता है। पितृपक्ष में भूखे जीव को भोजन कराने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सदस्यों ने अपने हाथों से – गौ माता के लिए रोटी, गुड़, हरा चारा एवं ताजी सब्जी वानर सेना के लिए रोटी एवं केले श्वान मित्रों के लिए बिस्किट पक्षियों के लिए मक्का व चुग्गा खिलाकर एक अद्भुत आत्मिक शांति का अनुभव किया। गौशाला का दृश्य देखते ही बनता था, जब सभी जीव एक साथ प्रेम से भोजन ग्रहण कर रहे थे।
इस पुण्य के कार्य हेतु लाभार्थी श्रीमान अंतिम जी, सोनल जी कियावत का संस्था द्वारा माला पहनाकर हृदय से बहुमान किया गया। परिवार की उदारता एवं जीवदया के प्रति समर्पण की सभी ने मुक्त कंठ से सराहना की। बहुमान संस्था के पूर्वाध्यक्ष श्री सुरेश पगारिया, श्री अरविंद जैन संस्था अध्यक्ष संजय सुराणा महिला इकाई से श्रीमती राजश्री डांगी, श्रीमती वंदना चत्तर, श्रीमती सुचिता टुकड़िया एवं श्रीमती सुनीता झामर द्वारा किया गया।इसी अवसर पर पवित्रतीर्थ श्री शिखर जी यात्रा से पधारे श्री अतुल सुराणा का भी संस्था द्वाराबहुमान किया गया।
कार्यक्रम में श्रेणिक धारीवाल,सुरेंद्र कोलन,महावीर डाँगी, संजय झामर,नरेश मारवाड़ी,महावीर डाँगी,वीरेंद्र सेठिया,दीपक हिंगड़,सौरभ मेहता,हसमुख चत्तर,अनिल चपडोद, सुनील चपडोद,श्रीमतीं विनीता सेठिया,जयश्री चपडोद, एवम ग्रुप के सदस्य उपस्थित रहे और सभी ने संकल्प लिया कि जीवदया को ही जीवन का ध्येय बनाएंगे। उक्त जानकारी संस्था के सचिव अमित चतर ने प्रदान करी।