नेतृत्व जितना जुझारू शक्तिशाली और सक्रिय होगा निस्वार्थ भाव के साथ समर्पण का समावेश करेगा उतनी ही सफलता उनके चरण चूमेगी – राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश

मेहसाना (सीमंधर स्वामी जैन मंदिर मंदिर 23 मई 2021)। नेतृत्व जितना जुझारू शक्तिशाली और सक्रिय होगा निस्वार्थ भाव के साथ समर्पण का समावेश करेगा उतनी ही सफलता उनके चरण चूमेगी । उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने वीर संघ स्थापना दिवस पर अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच ने दिल्ली महिला शाखा के निर्वाचित पदाधिकारियों को संबोधित करते कहा कि संघ की सुरक्षा में ही हम सब की सुरक्षा निश्चित है संघ का महत्व तीर्थंकरों से भी ज्यादा होता है ।
उन्होंने कहा कि संघ विकास और निर्माण में बड़े-बड़े धर्माचार्य निष्ठावान श्रावक ने बलिदान दिया है । सर्वस्व न्योछावर किया है संकटों का मुकाबला करते हुए गुलजार किया ।
मुनि कमलेश ने बताया कि किसी भी नाम से संगठन हो उसका लक्ष्य वीर के शासन को मजबूत करना वही सच्चा धार्मिक है । जैन संत ने बताया कि मैं मिटुंगा संघ को मजबूत करने के लिए यह वफादारी भावना है और मेरे अस्तित्व के लिए संघ को छिन्न-भिन्न कर देता है वह महा पापी है ।
राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि एक नेतृत्व अमरबेल की भांति होता है दूसरा सेवक की भाति होता है वीर के शासन को विश्व स्तर पर पहुंचाने का हम को मिलकर संकल्प आज के दिन लेना है ।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली राष्ट्रीय महिला शाखा की 27 पदाधिकारियों के साथ 108 सदस्यीय नवीन कार्यकारिणी का गठन किया गया है आज के पावन दिवस पर उन सब को हार्दिक बधाई और मंगल आशीर्वाद।

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