द्रोणगिरि सिद्ध क्षेत्र के निकट धर्म नगरी बड़ामलहरा में भव्य जिनबिंब पंचकल्याणक महा महोत्सव 2027 की घोषणा

  • 3 से 8 अप्रैल 2027 तक गूंजेगा पंचकल्याणक का जयघोष
  • आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ सान्निध्य में होगा ऐतिहासिक जिनबिम्ब पंचकल्याणक महोत्सव धर्म

धर्म नगरी बड़ामलहरा/जिला छतरपुर (राजेश जैन दद्दू) । बुंदेलखंड की पावन धरा और सिद्ध क्षेत्र श्री द्रोणगिरि जी की निकटतम धर्म नगरी बड़ामलहरा में इतिहास रचने जा रहा है। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि नगर के सकल जैन समाज और सकल दिगंबर जैन पंचायत बड़ामलहरा द्वारा निर्णय लिया गया है कि आगामी वर्ष 2027 में 3 अप्रैल से 8 अप्रैल तक भव्य पंचकल्याणक महा महोत्सव एवं महामस्तकाभिषेक का आयोजन किया जा रहा है। वैभव जैन ने कहा कि यह पंचकल्याणक श्रंमण संस्कृति के महामहिम पट्टाचार्य परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में संपन्न होगा।

क्यों खास है यह पंचकल्याणक?
(1) स्थान की महिमा: बड़ामलहरा नगरी द्रोणगिरि सिद्ध भूमि का प्रवेश द्वार है। द्रोणगिरि वह सिद्ध भूमि है जहाँ से असंख्य मुनिराजों ने मोक्ष प्राप्त किया है। ऐसी सिद्ध भूमि के निकट जिनबिंब पंचकल्याणक होना, स्वयं में एक महा पुण्य है।
(2) श्रंमण संस्कृति के महामहिम आचार्य श्री का सान्निध्य: आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज वर्तमान युग के प्रखर वक्ता, ओजस्वी संत हैं। आपके सान्निध्य में होने वाला पंचकल्याणक निश्चित ही अभूतपूर्व होगा। और भारत भूमि पर सबसे अधिक जिनबिंब पंचकल्याणक महोत्सव आपके संघ सानिध्य में होने का गौरव भी प्राप्त है।
(3) तिथि: 3 से 8 अप्रैल 2027 — 6 दिवसीय महोत्सव। चैत्र मास के पावन दिनों में जब बुंदेलखंड में वसंत अपने चरम पर होगा, तब भगवान के पंच कल्याणक — गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान और मोक्ष कल्याणक का दृश्य मंचन होगा।

पंचकल्याणक क्या है?
जैन धर्म में जब किसी मंदिर में नवीन जिन बिंबों की प्रतिष्ठा होती है, तो भगवान के 5 कल्याणकों का महोत्सव मनाया जाता है। इस दौरान हजारों इंद्र-इंद्राणियाँ बनते हैं, रथयात्रा, गर्भ कल्याणक, जन्माभिषेक, तप कल्याणक, केवलज्ञान और मोक्ष कल्याणक एवं गजरथ फेरी का अद्भुत ऐतिहासिक आयोजन होता है।
बड़ामलहरा के इस महोत्सव में अनेक नवीन जिन बिंबों की प्रतिष्ठा कर उन्हें जिनमंदिरो में विराजमान किया जाएगा।

तैयारियाँ प्रारंभ —
बड़ामलहरा सकल जैन समाज ने अभी से तैयारियाँ प्रारंभ कर दी हैं। महोत्सव के लिए विशाल पांडाल, इंद्र-इंद्राणियों के लिए आवास, बाहर से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजनशाला और आवास की व्यवस्था का खाका तैयार किया जा रहा है।

सकल दिगंबर जैन समाज, बड़ामलहरा (छतरपुर) तथा समिति के पदाधिकारियों ने सकल जैन समाज से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में पधार कर इस पंचकल्याणक महोत्सव को सफल बनाएं और पुण्य अर्जन करें।

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