


बदनावर । श्री शंखेश्वर पुरम् तीर्थ की पावन भूमि पर परम पूज्य गच्छाधिपति आचार्य देव श्री ऋषभचन्द्र सूरीश्वरजी के शिष्य परम पूज्य मालवरत्न मुनिराज श्री रजतचंद्र विजयजी म.सा.के 26 वें संयम प्रवेश उत्सव के अवसर पर तपस्वी मुनिराज श्री पीयूषचन्द्र विजयजी की प्रेरणा से विभिन्न धार्मिक एवं सेवार्थ कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रात: 07:26 बजे शंखेश्वर पार्श्वनाथ परमात्मा एवं गुरुदेव श्री का शांतिधारा एवं गुरुपादुका स्तोत्र से महाअभिषेक किया गया जिसका लाभ श्रीमती अनिताबेन रविंद्र कुमारजी ओसवाल तलेगांव पुणा वालों को प्राप्त हुआ। ठीक 09:30 बजे दादा गुरुदेव श्री राजेन्द्र सूरीश्वरजी म.सा. का संगीत भक्तिमय म्यूजिकल श्री राजेन्द्र सूरि अष्टप्रकारी पूजन हुआ। पूजा का लाभ पाडल्या निवासी श्रीमती ममता बेन प्रेमचंदजी डोशी को प्राप्त हुआ। पूजा मे मोहनखेड़ा की संगीत टीम व पूजा व्यवस्था का कार्य पन्ना भाई पुजारी ने किया । फेसबुक पर इस संपूर्ण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सिद्धार्थ जैन व सुजल पोरवाल की व्यवस्था द्वारा हुआ। मधुरगीत द्वारा सुंदर अनुपम भक्ति मुनिश्री ने कराई । परिवार की जिनि डोशी निशी पोसित्रा देशना पोरवाल ने सुन्दर गीत प्रस्तुति दी।लाभार्थी परिवार की ओर से प्रभावना वितरित की गई । इसी दौरान शंखेश्वर पुरम् तीर्थ में वार्षिक आरती के नखरे तय कर रजा दी गई। मूलनायक परमात्मा की आरती स्वर्गीय प्रेमाबेन कांतिलाल जी मोदी बदनावर, गौतम स्वामीजी की आरती अनिता बेन रविंद्र कुमारजी ओसवाल तलेगांव पुणे को मिला एवं गुरुदेव श्री राजेन्द्र सूरीश्वरजी की आरती का लाभ श्रीमती उषा किरण बेन सुभाषचंद्रजी झाबुआ को प्राप्त हुआ। तीनों महानुभाव को 11/11 मन में लाभ मिला। इनमें कोई भी भक्त कभी भी 11मण से ज्यादा में बोल कर लाभ ले सकेंगे। पूजन के अंत में लाभार्थी परिवार एवं गुरु भक्तों द्वारा आरती की गई । पश्चात उपाश्रय भवन के समक्ष असहाय महानुभाव को शा. भुरमलजी चुन्नीलालजी पालरेशा खोपोली वालों की ओर से भोजन पैकेट वितरण का कार्यक्रम किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि सुभाषजी कोठारी झाबुआ प्रेमचन्दजी डोशी पाडल्या नितिनजी नांदेचा नरेंद्रजी मोदी विवेक परमार सभी बदनावर। पारसमणि बेन महेन्द्रजी भंडारी उषाकिरण कोठारी रानी पोरवाल इस मौके पर सतीश सिंघावत मनीष बोकडिया जयकुमार सूर्या जितेन्द्र पंकज प्रितेश व मोहित मोदी व विजय जैन धरमचन्द जैन उपस्थित थे सेवा दी। भोजन वितरण के बाद में तीर्थ भूमि पर वृक्षारोपण का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न फल जामुन आम जाम चिकु आदि वृक्ष के साथ में ही गुलाब आदि फूलों के पौधों का वृक्षारोपण किया गया।