जैन रक्षक दल का गठन

जावरा (अभय सुराणा)। ऑल इंडिया जैन माइनॉरिटी फेडरेशन (AIJMF) का गठन अल्पसंख्यक योजनाओ की जागरूकता एवम लाभ दिलाने की व्यवस्था निर्माण करने हेतु ललितजी गांधी के नेतृत्व मे किया गया था। आज 750 से अधिक शाखाओ और 125000 से अधिक सदस्यों के माध्यम से यह कार्य चल रहा है। और अब इस संघटन को अधिक व्यापक बनाने का वक्त आ गया है।
आज अगर हम गौर करें तो जैन समाज पर आघातों की श्रृंखला बढ़ती जा रही है, जैन मंदिरों मे चोरी, मुम्बई मे जैन मंदिर और स्थानक के बाहर पर्युषण महापर्व के दौरान राजनैतिक दल द्वारा मास पकाना, जैन मुनियो पर हमले, जैन मुनियो की दुर्घटना मैं मौत, संथारा/ सल्लेखना जैसे धार्मिक परंपरा पर कोर्ट द्वारा रोक, अनूप मंडल जैसे संघटनो द्वारा समाज पर हमले, पालीताना, शिखरजी, गिरणारजी जैसे तीर्थो पर मुसीबते आदि प्रकार दिन ब दिन बढ़ते जा रहे है। यह सब देखते हुए आखिर कब तक हम “अहिंसा परमो धर्म” की आड़ मैं अपनी कमजोरी छीपाते रहेंगे’ और इन आघातों को सहन करते रहेंगे, क्या अब भी हमारा खून नही खौलता ? या अब हमारा खून पानी हो गया है….. आज जरूरत है हमारे खून मैं रवानी लानेकी, आज जरूरत है अपने भीतर छिपी हुई वीरता दिखाने की, आज जरूरत है “अहिंसा परमो धर्म” का पूरा वाक्य दुबारा सीखनेकी जो कुछ इस प्रकार है *”अहिंसा परमो धर्मः धर्म हिंसा तथैव च: l”* अर्थात अहिंसा सबसे बड़ा धर्म है और धर्म रक्षार्थ हिंसा भी उसी प्रकार श्रेष्ठ है। गौरतलब है की मे हिंसा का समर्थन नही करता पर आज अगर हम हमारा धर्म सुरक्षित नहीं रख पाए तो आनेवाली पीढी हमे माफ नही करेगी, और हमारा धर्म भी नामशेष हो जायेगा। हमें किसी पर आक्रमण नहीं करना है पर अगर हम पर कोई आक्रमण करता है तो हमें हमारे धर्म की , हमारे समाज की रक्षा करने का पूरा अधिकार है और यह हमारा कर्तव्य भी है।
इसी परिपेक्ष मे ऑल इंडिया जैन माइनॉरिटी फेडरेशन के अंतर्गत “जैन रक्षक दल” का गठन किया गया है।
*मैं जैन समाज के ऊर्जावान कर्मठ एवं निष्ठावान युवाओं को आव्हान करता हु की आप “जैन रक्षक दल” मे “जैन रक्षक” बनकर जुड़े जो वक्त आने पर जैन धर्म की रक्षा और मान सम्मान के लिए अक्रमकता से लड़ने के लिए तैयार हो….। आज समय की यही माँग है। उक्त जानकारी ऑल इंडिया जैन माइनॉरिटी फेडरेशन के महामंत्री श्री संदीप भंडारी ने दी।

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