
रतलाम । पिछले डेढ़ वर्ष से पूरे देश, प्रदेश, शहर एवं समाज कोरोना संक्रमित महामारी से संघर्षरत है, सरकार की त्वरित कार्रवाई एवं टीकाकरण से इस संक्रामक को रोकने में सफलता पाई है, लेकिन अभी भी हमें सतर्कता रखनी है 100 प्रतिशत वैक्सीनेशन हो यही एक बचाव का उपाय है! शहर के श्री श्रीमाली ब्राह्मण समाज ने इस दौरान कोरोना महामारी से अथवा सामान्य रूप से कई अमूल्य समाज की धरोहर को खोया लेकिन जिला प्रशासन के दिशा निर्देशों अनुसार सभी दिवंगत आत्माओं का अंतिम संस्कार हुआ । समाज अध्यक्ष प्रकाश चंद्र व्यास समिति सदस्य अनंत बोहरा ने स्वर्गीय श्रीमती सीमा आशुतोष त्रिवेदी, रमेश व्यास, धीरेंद्र व्यास (चौबे), अभय दवे, राजेंद्र व्यास, पंडित अरविंद ओझा, मोहन व्यास, सुशील ओझा , योगेंद्र व्यास, स्वर्गीय श्रीमती आशा व्यास, स्वर्गीय श्रीमती कल्पना सतीश जोशी, स्वर्गीय श्रीमती नैना डॉ. दशरथ व्यास, स्व. श्रीमती सुभद्रा विजयकांत जोशी, नारायण व्यास (नरेंद्र), सुरेश व्यास, हरीश ओझा, अंबाप्रसाद ओझा, कुबेरचंद्र व्यास, प्रेम प्रकाश व्यास, स्व. श्रीमती ममता सुरेंद्र जोशी, स्व. श्रीमती कला व्यास, स्व. श्रीमती शशिकला ब्यास, स्व. श्रीमती दशरथ बाई, स्व. कीरट व्यास, स्व. श्रीमती आभा अशोक व्यास, स्व. कैलाश चंद्र व्यास ( जोधपुर) सहित समाज के लगभग सभी परिवारों में पहुंचकर दिवंगत समाजजन को पुष्प से श्रद्धांजलि देकर परिवार को संवेदना पत्र प्रदान किए तथा रतलाम के बाहर निवासरत समाजजनों को पोस्ट के माध्यम से संवेदना पत्र भेजें। अध्यक्ष श्री व्यास ने शोक संतप्त परिवार से परिवार की कुशलक्षेम पूछते हुए वैक्सीनेशन की जानकारी ली तथा जिन्होंने वैक्सीनेशन नहीं कराया है उसे वैक्सीनेशन शीघ्र कराने की अपील की । अध्यक्ष श्री व्यास ने बताया कि यह एक ऐसा खौफनाक समय था जहां इस महामारी ने ऐसा तांडव मचाया की एक ही परिवार के माता-पिता, परिवार के माता , पिता , पुत्र, तथा कई समाजजनों ने माता, पिता, पत्नी, पति, भाई, बहन को अचानक अपने परिवार से छीन लिया, जिसकी पूर्ति न वर्तमान कर सकता है न भविष्य कर सकता है सिर्फ स्मृतियों को हमारे बीच जीवित रखा जा सकता है ।