पारसनाथ/कोडरमा। अहिंसा संस्कार पदयात्रा के प्रणेता साधना महोदधि भारत गौरव
उभय मासोपासी आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महामुनिराज निमियाघाट के सहस्त्र वर्ष पुरानी भगवान पारसनाथ की वरदानी छांव तले विश्व हितांकर विघ्न हरण चिंतामणि पारसनाथ जिनेंद्र भगवान के चरणों मे धर्म की गंगा बहाते हुवे ओर इस क्षेत्र का अभूतपूर्व विकास का कर मंगल विहार पारसनाथ के लिए हुवा आचार्य श्री लगभग 2 माह तक निमियाघाट में कई धार्मिक कार्यक्रम के साथ धर्म साधना करते हुए 44 दिवसीय भब्य विधान का आयोजन हुआ जिसमे पूरे देश से लोगो ने घर मे रहकर ऑनलाइन महाअर्चना की इसके साथ ही गुरुवर का मंगल विहार करते हुवे 17.6 पारसनाथ में भब्य प्रवेश हुवा ईसरी बिसपंथी कोठी में 1008 पारसनाथ की भब्य प्रतिमा पर पंचामृत अभिषेक बहुत ही भक्ति भाव के साथ विशेष मंत्रो द्वारा आचार्य श्री के मुखरबृन्द से हुवा साथ ही गुरु भक्त हैदराबाद निवासी मनोज जैन चौधरी के द्वारा आचार्य श्री के मुखरबृन्द से 64 रिद्धि मंत्रो के साथ दीपक समर्पित किया दिन में अन्तर्मना गुरुदेब का मंगल विहार सम्मेदशिखर जी की ओर हुवा 20 जून को भब्य मंगल प्रवेश तीर्थ राज में होगा गुरुदेव की आगवानी के लिए सभी पलक पावड़े बिछाये हुवे है। कोडरमा मीडिया प्रभारी राज कुमार जैन अजमेरा, नवीन जैन मनीष जैन सेठी ने उक्त जानकारी दी।