
लिंबड़ी (समस्त महाजन पांजरा पोल) । शेर आदि जंगली खूंखार जानवरों के शिकार पर उनके अवशेष मिलने पर तो सरकार दंड देती है तो फिर हमारे परम उपकारी पालतू पशुओं के ऊपर खंजर चलाने की इजाजत कैसे। उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने लिमडी समस्त महाजन पांजरा पोल में संबोधित करते कहा कि दोहोरी कानून व्यवस्था संविधान के साथ खिलवाड़ है । उन्होंने कहा कि पर्यावरण कानून में सभी प्राणियों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है पर्यावरण रक्षा में सभी जीवो की भूमिका ऑक्सीजन से महत्वपूर्ण है।
मुनि कमलेश ने बताया कि हीरे पन्ने माणक मोती से भी पशुधन अनमोल है जिसका कोई विकल्प नहीं है सर्वोत्तम धन है । राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि इंसान के बिना पशु जंगल में जिंदा रह सकता है लेकिन पशु के बिना इंसान एक पल भी जिंदा नहीं रह सकता पशुओं का कत्ल इंसान के कत्ल के समान है ।
जैन संत ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या और घटता पशुधन अतिवृष्टि अनावृष्टि भूकंप कोरोना आदि को खुला निमंत्रण देने के समान है प्राणी मात्र की रक्षा से ही विश्व की रक्षा संभव है गौशाला परिवार की ओर से राष्ट्रसंत का अभिनंदन किया गया भगवान गो महावीर रिसर्च सेंटर प्रारंभ करने का संकल्प लिया 26 जून राजकोट की ओर प्रस्थान है संत मंडल का ।