लोकतंत्र सेनानियों का घर-घर जाकर भाजपा नेताओं ने किया सम्मान

रतलाम / आपातकाल को याद करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने जिले भर में विभिन्न स्थानों पर निवास करने वाले लोकतंत्र सेनानियों (मीसा बंधुओं) का भाजपा जिलाध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह लुनेरा एवं काला दिवस कार्यक्रम के जिला प्रभारी श्री ईश्वरलाल पाटीदार के नेतृत्व मे घर-घर जाकर शॉल एवं श्रीफल भेट कर सम्मान किया।
उक्त जानकारी देते हुए जिला भाजपा मीडिया प्रभारी तथा काला दिवस कार्यक्रम के सह प्रभारी द्वय श्री अरूण राव एवं श्री अभय कोठारी ने प्रेस को बताया कि प्रतिवर्ष लोकतंत्र सेनानियों का भाजपा द्वारा सामूहिक रूप से सम्मान किया जाता है लेकिन इस बार भाजपा ने तय किया था कि पार्टी के वरिष्ठ नेतागण तथा पदाधिकारी सेनानियों के निवास पर पहुंचकर उन्हें सम्मानित करें।
रतलाम शहर मे निवासरत 21 सेनानियों का सम्मान किया गया तथा जिले के अन्य स्थानों पर निवासरत 12 सेनानियों का भी सम्मान उनके निवास पर पहुंचकर भाजपा द्वारा किया गया।
उल्लेखनीय है कि 25 जून 1975 की मध्य रात्रि को तत्कालीन कांग्रेसी प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी सत्ता बचाने के लिए माननीय न्यायालय के फैसले को दरकिनार करते हुए देश में अंदरूनी आपातकाल लगाकर देश को खुली जेल में तब्दील कर दिया था। आम नागरिक के सारे मौलिक अधिकार छीन लिए गये थे तथा प्रेस की आजादी भी खत्म कर दी गई थी। इतना ही नही देश के संविधान और लोकतंत्र की भी हत्या कर दी गई थी। आपात काल के नाम पर लाखों राष्ट्रवादीयों तथा विपक्षी नेताओं को जेलों मे ठुस दिया गया था।
सेनानियों का सम्मान करने के लिए जिलाध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह लुनेरा, कार्यक्रम प्रभारी श्री ईश्वरलाल पाटीदार, कार्यक्रम सहप्रभारी द्वय अरूण राव एवं श्री अभय कोठारी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्री अशोक पोरवाल,श्री निमिष व्यास, जिला महामंत्री द्वय श्री मनोहर पोरवाल, श्री प्रदीप उपाध्याय, लोकतंत्र सेनानी संघ के संभागीय अध्यक्ष श्री महेन्द्र नाहर, श्री चन्द्रप्रकाश ओस्तवाल, श्री दिलीप साकल्य सहित मंडल अध्यक्ष द्वय श्री मयूर पुरोहित, श्री कृष्ण कुमार सोनी, श्री नीलेश गांधी, श्री आदित्य डागा, श्री महेश सोनी, नन्दकिशोर महावर, श्री धर्मेन्द्र देवड़ा, मंडल प्रभारी श्री मंगल लोढ़ा, श्री बद्रीलाल परिहार, श्री भुपेन्द्र कावड़िया, श्री विनोद व्यास, श्री शिखर धारीवाल सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारीगण मौजूद रहे।