एक गाय माता की सेवा करना पांच मंदिर बनाने से बड़ा लाभ है हर धर्म स्थल के साथ गोशाला होनी चाहिए – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

सायला (समस्त महाजन पांजरा पोल ) । मंदिर में मार्बल की गायकी तो आरती करते हैं पूजा करते हैं और जीवित गाय को गंदगी खाने को मजबूर करते हैं यह दोहरा आचरण कसाई से कम नहीं है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने सायरा समस्त महाजन पांजरा पोल में व्यक्त करते कहा कि गाय की उपेक्षा 33 करोड़ देवता का अपमान करने के समान है ।
उन्होंने कहा कि एक प्रथम गाय माता की जय बोलते हैं दूसरी तरफ गोचर भूमि पर अवैध कब्जा करके गौ माता के मुंह से निवाला छीनते हैं वह भी गौ हत्यारे हैं। मुनि कमलेश ने बताया कि एक गाय माता की सेवा करना पांच मंदिर बनाने से बड़ा लाभ है हर धर्म स्थल के साथ गोशाला होनी चाहिए।
राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि कत्ल खाने के लिए जमीन और सब्सिडी सरकार दे सकती है तो गौशालाओं को क्यों नहीं । उन्होंने बताया कि गाय औषधि का भंडार आर्थिक ता आधार और पर्यावरण का सच्चा सिंगार है गौशालाओं को रिसर्च सेंटर में परिवर्तित करके स्वावलंबी बने ऐसा प्रयास सबको मिलकर करना चाहिए।

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