आत्म बल सर्वोत्तम बल है उसके अभाव में बाकी सभी शक्तियां नगण्य है- राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

गोंडल राज महल दरबार। दृड़ इच्छाशक्ति और अदम्य साहस के साथ निरंतर प्रयास किया जाए लक्ष्य के प्रति निस्वार्थ भाव से समर्पित हो तो सफलता चरण चूमती है । उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने गोंडल राज महलों में विचार व्यक्त करते कहा कि आत्म बल सर्वोत्तम बल है उसके अभाव में बाकी सभी शक्तियां नगण्य है।
उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में सुविधा और साधन नहीं के बराबर होने के बावजूद भी धून के धनी लोगों ने इतिहास के स्वर्णिम इतिहास का निर्माण किया। जैन संत ने कहा कि सुविधा और विलासिता मे डूबे उनका आत्मबल कमजोर हुआ कोविड-19 के वही ज्यादा शिकार हुए । मुनि कमलेश ने कहा कि संघर्ष से ही आत्म शक्ति जागृत होती है आराम परस्त कीटाणु जीवन के कट्टर शत्रु हैं। राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि गोंडल के राजा ने उस काल में स्वनिर्मित अभियान में विश्व मैं नया कीर्तिमान स्थापित किया।
राज दरबार के परिवार ने राष्ट्रसंत का पलक पावडे बिछा कर अभिनंदन किया प्राचीन दुर्लभ वस्तुओं का मुनि कमलेश ने अवलोकन किया । घनश्याम मुनि, गौतम मुनि, पारस मुनि, राष्ट्रसंत का परिचय दिया । शहर के सभी गौ भक्तों का सम्मेलन हुआ।