किसी भी प्राणी को तनिक भी कष्ट पहुंचाना खुदा और भगवान का अपमान करने के समान है -राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश

राजकोट ज्योत्सना बहन हरि लाल व खारिया स्थानकवासी जैन उपाश्रय 21 जुलाई 2021 । प्रकृति का जर्रा जर्रा खुदा की अमानत है उसकी रक्षा के लिए अपने प्राणों तक को न्योछावर करने की भावना ही सच्चे अर्थों में कुर्बानी है। उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने राष्ट्रीय मुस्लिम अहिंसा मंच के कार्यकर्ताओं को संदेश देते कहा कि खुदा के पास वस्तु नहीं आपकी पवित्र भावना ही पहुंचती है।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्राणी को तनिक भी कष्ट पहुंचाना खुदा और भगवान का अपमान करने के समान है ।
मुनि कमलेश ने बताया कि अपने अंदर में रही हुई क्रोध लोभ राक्षस की प्रवृत्तियों की कुर्बानी देकर सात्विक विचारों को अपनाना खुदा की बंदगी करने के समान है । मुनि कमलेश ने स्पष्ट कहा कि कुरान में लिखा है गाय का घी और दूध सेहत के लिए फायदेमंद है मांस हानिकारक है।
मुस्लिम समाज के वरिष्ठ नेता बबलू खान ने कहा कि वतन की रक्षा के लिए सर्वस्व न्योछावर करना सभी का प्रथम कर्तव्य है गाय के दूध का केक बनाकर ईद मनाई। अहिंसा मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अख्तर भाई रावल ने कहा कि निर्दोष प्राणियों को खुदा के नाम पर सताना कहां तक उचित है मिठाइयां बांटकर ईद मनाने का आह्वान किया। मुनि कमलेश के सानिध्य में ज्योत्सना बहन हरी लाल वखारिया स्थानकवासी जैन उपाश्रय में वीजा सेट चेतन सेठ की ओर से करीब 100 आईमबिल तपभक्ति आराधना हुई।