गुरू ही अधंकार से प्रकाश की ओर लाकर सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है – श्री चांदनीवाला

रतलाम । शास्त्री नगर सांई मंदिर स्थित सभागृह में गुरू पूर्णिमा के पावन पर्व पर योग गुरूओं का सम्मान समारोह आयोजित किया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर के वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद डॉ. मुरलीधर चांदनीवाला आतिथ्य उदबोधन में कहाकि मनुष्य को जीवन में गुरू बनाना चाहिए । जिससे उसकी पीठ पर हमेशा गुरूओं का हाथ रहता है । गुरू के बिना मनुष्य का जीवन शुन्य है । क्योंकि गुरू ही हमें हमेशा अंधकार से प्रकाश की ओर लाकर मानवीय जीवन की गलतियों को रोककर सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है । समर्थ गुरू रामकृष्ण परमहंस जिन्होने स्वामी विवेकानंद जैसे शिष्य को ठुंठ कर राष्ट्र को युग पुरूष दिया। स्वाधीनता आंदोलन में बाल गंगाधर राव तिलक ने १९०८ में अंग्रेजों द्वारा पत्रकार, चिंतक, वरिष्ठ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को अंग्रेजों द्वारा ६ वर्ष के लिए राष्ट्र दोह का आरोप लगाकर निर्वासित कर मांडले जेल में बंद कर दिया गया था । उस अवधि में श्री तिलक ने समाचार पत्र का प्रकाशन किया एवं गीता का अध्ययन कर देश के क्रांतिकारियों को एकजुट होने का एवं कर्मयोग के प्रति पे्ररित किया। योग क्या है । योग कहते किसे है इस बात पर आपने कहा कि आपको आत्मविद्या पाने के लिए महत्वपूर्ण शासन है जिसे योग कहते है। योग के विभिन्न आसनों पर भी आपने ने प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अध्यक्ष नगर के वरिष्ठ पत्रकार श्री मोहन व्यास ने कहा कि गुरू पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहते है । इस दिन रात्री को चंद्रमा को देखकर अर्थ दे और भगवान शिव की साधना से एवं महामृत्युजंय का पाठ करने से अकाल मृत्यु से मुक्ति मिलती है । इस अवसर पर योगधाम के मिश्रीलाल सोलंकी ने स्वागत भाषण देते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत कर चार गुरूओं का वर्णन किया । डॉ. प्रदीप कोठारी ने इस अवसर पर कहाकि पत्रकारिता और मात्राओं पर विशेष ध्यान दिया जाता था और गुरू ही हमें ज्ञान की धरातल पर खरा उतारने के लिए प्रेरणा स्त्रोत बनाता है । कार्यक्रम में श्रीमती इन्दु सिन्हा ने गुरू वंदना पर रचना प्रस्तुत की । इस अवसर पर प्रो. डी.के. शर्मा द्वारा भी अपने विचार व्यक्त किए ।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में सरस्वती वंदना रामचन्द्र अम्बर गेहलोत द्वारा प्रस्तुत की गई। अतिथियों द्वारा डॉ. प्रदीप जी कोठारी एवं डॉ. प्रकाश चौपड़ा का शाल श्रीफल से एवं योगधाम पुस्तिका की तस्वीर भेंट कर एवं युवा योग गुरू विकास चौपड़ा, योग गुरू श्रीमती मधु बैरागी को भी सम्मानित किया । कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत महावीर सिंह सक्तावत, विरेन्द्रसिंह रघुवंशी, हस्तिमल चौपड़ा, सुभाष चत्तर, हेमंत व्यास, महेन्द्रसिंह सिसौदिया, दीपा पुजंावत, प्रियंका बाफना, जयश्री मूणत एवं लीना व्यास ने किया। कार्यक्रम में भंवरलाल चपड़ौद, भरत त्रिवेदी, सत्यनारायण मंत्री, रतन जोशी, अजय आचार्य आदि योग साधक उपस्थित थे । कार्यक्रम का संचालन गौरीशंकर खिंची ने किया एवं आभार डॉ. प्रकाश चौपड़ा ने माना ।

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