
भाजपा ने दिया देशव्यापी मोन धरना, कलेक्टर को सौंपा राज्यपाल के नाम ज्ञापन

रतलाम । प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पंजाब यात्रा के दौरान हुई सुरक्षा मे चूक से देशभर मे आक्रोश है। भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्राणों एवं राष्ट्र के गौरव पर संकट उत्पन्न करने वाले दोषियों के खिलाफ कडी कार्यवाही की मांग की है। जिला भाजपा ने शुक्रवार को इस घटनाक्रम के विरोध मे गांधी उद्यान पर देशव्यापी मौन धरना देकर कलेक्टोरेट मे महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
धरना प्रदर्शन में शहर विधायक चेतन्य काश्यप, ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना, पूर्व महापौर शैलेंद्र डागा, जिला महामंत्री प्रदीप उपाध्याय, निर्मल कटारिया, पूर्व महामंत्री मनोहर पोरवाल, कार्यक्रम प्रभारी जिला उपाध्यक्ष सुनील सारस्वत, कोषाध्यक्ष जयवंत कोठारी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अशोक पोरवाल, जिला मंत्री सोना शर्मा, मंडल अध्यक्ष निलेश गांधी, कृष्ण कुमार सोनी, मयूर पुरोहित, आदित्य डागा, करणधीर्य बड़गोत्या, धराड के आनदिलाल राठोड ,भाजयुमो. जिलाध्यक्ष विप्लव जैन, अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष मसूंर जमादार, झुग्गी प्रकोष्ठ प्रदेश सह संयोजक अनिता कटारिया, आई.टी.सेल जिला संयोजक करण वशिष्ट सहित पार्टी के जिला एवं मंडल पदाधिकारी, मोर्चा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता गण शामिल हुए।
जिला भाजपा मीडिया प्रभारी अरुण राव एवं सह मीडिया प्रभारी अरुण त्रिपाठी ने बताया कि मौन धरना प्रदर्शन के बाद भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम को ज्ञापन सौपा। इसमें बताया गया कि प्रधानमंत्री मोदी जी 5 जनवरी को फिरोजपुर में रैली हेतु अपेक्षित थे। वे राष्ट्र गौरव है व जन-जन के नेता है और उन पर देश के करोडो लोगों की आस्था एवं विश्वास है। फिरोजपुर (पंजाब) यात्रा के दौरान हुसैनीवाला मे राष्ट्रीय शहीद स्मारक से लगभग 30 किलोमीटर दूर प्रधानंमत्री जी के काफिले को फ्लाई ओवर पर प्रदर्शन कारियों ने सड़क अवरूद्ध कर रोक दिया। इससे प्रधानमंत्री जी का काफिला 15 से 20 मिनट तक फ्लाई ओवर पर फंसा रहा। गौरतलब है कि हुसैनीवाला पाकिस्तान से लगी सीमा पर स्थित है और प्रधानमंत्री जी शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धासुमन अर्पित करने के पश्यात पंजाब के लिए 5 बड़े प्रोजेक्टों का उद्घाटन करने वाले थे। हुसैनीवाला में उनके काफिले का मार्ग अवरुद्ध किया जाना कोई सामान्य घटना न होकर गहरे षडयंत्र का हिस्सा प्रतीत होती है। ये घटना प्रधानमंत्री जी के प्राणों पर संकट इंगित करने के साथ-साथ भारत की सुरक्षा एवं संप्रभुता पर आक्रमण किए जाने के प्रयास पर इशारा करने वाली है।
ज्ञापन मे बताया गया कि प्रधानमंत्री जी के प्राणों को संकट मे डालने का कुत्सित प्रयास राष्ट्रदोही ताकतें ही कर सकती है। पंजाब सरकार की असक्षमता का इससे बड़ा उदाहरण नही हो सकता। पंजाब सरकार का यह कृत्य समस्त राजनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन है साथ ही उसके राष्ट्र विरोधी चरित्र को भी उजागर करता है। यह घटना करोड़ों भारतीय लोगों के विश्वास पर एक कुठाराघात है। इसकी जितनी निंदा की जाए उतनी कम है । देशहित में इस समूचे घटनाक्रम की जांच करवाया जाना अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही घटना के लिए दोषियों को सजा देना भी आवश्यक है।
ज्ञापन मे महामहिम राज्यपाल से आग्रह किया गया है कि वे देशवासियो की भावना से महामहिम राष्ट्रपति को अवगत कराये एवं राष्ट्र के प्रति हुई इस गंभीर भूल, षडयंत्र की जांच कराकर दोषियों को दंडित कराये, ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना घटित न हो। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री प्रदीप उपाध्याय ने किया। आभार कार्यक्रम प्रभारी सुनील सारस्वत ने माना।