भगवान श्री विश्वकर्मा जयंती पर श्री विश्वकर्मा धाम पर विराजमान हुए भगवान श्री विश्वकर्मा

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रतलाम । भगवान श्री विश्वकर्मा जयंती पर आज दिनांक 14 फरवरी 22 सोमवार के शुभ अवसर पर श्री विश्वकर्मा धाम नेमिनाथ नगर रतलाम पर सृष्टि के रचयिता भगवान श्री विश्वकर्मा जी सहित भगवान श्री शिव परिवार भगवान श्री सीताराम, भगवान श्री राधा कृष्ण, वेद माता श्री गायत्री माता एवं श्री हनुमान जी महाराज की विधि विधान के साथ स्थापना की गई। इस अवसर पर 21 हजार पंचदेव आहुति एवं 10 विधि स्नान सम्पन्न किया गया । उक्त जानकारी श्री विश्वकर्मा जांगिड़ ब्राह्मण समाज मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष जनक नागल में देते हुए बतलाया की तीन दिवसीय कार्यक्रम मे तिथि माध सुदी ग्यारस दिनांक 12 फरवरी को हिमाद्रि स्नान के साथ में यज्ञ का आरंभ किया गया। 13 फरवरी रविवार को देव पूजन, यज्ञ, मंत्र जाप अनुष्ठान प्रतिमा अधिवास संस्कार तेलांग अभिषेक संपन्न किया गया। आज माघ सुदी तेरस दिनांक 14 फरवरी 2022 सोमवार को प्रदोष एवं सोम पुष्य नक्षत्र पर देव पूजन विशेष अर्चन के साथ  भगवान श्री विश्वकर्मा जी के साथ भगवान  श्री शिव परिवार, भगवान श्री सीताराम, भगवान श्री राधा कृष्ण जी वेदमाता श्री गायत्री जी एवं श्री हनुमान जी महाराज की प्राण प्रतिष्ठा अभिजीत मुहूर्त में की गई। शाम 4:00 बजे यज्ञ पूर्णाहुति, आरती एवं प्रसादी वितरण की गई। जिसमें समाज बंधुओं के साथ सैकड़ों क्षेत्री वासीयों ने भी उपस्थित होकर धर्म लाभ किया। श्री जनक नागल ने बतलाया कि बहुत वर्षों से समाज को धार्मिक सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्य हेतु रतलाम मे उचित स्थल की कमी थी।मंदिर ट्रस्ट समिति द्वारा इसके लिए सन 2000 में नेमीनाथ नगर में 5400 वर्ग फीट का एक भूखंड क्रय किया गया था पंरतु किसी ना किसी वजह से यह कार्य प्रारंभ नही हो पा रहा था। 30 सितम्बर 2021 जन्माष्टमी के दिन इस स्थान पर भूमि पुजन किया गया था और *मंदिर ट्रस्ट समिति द्धारा मात्र 125 दिनों के निरन्तर प्रयास मे* आज भव्य मंदिर की स्थापना की है । इस पुनीत कार्य मे रतलाम ,मंदसौर ,नीमच, उज्जैन ,इंदौर ,धार ,भोपाल आदि जगह के समाज बंधुओं के सहयोग से निर्माण एवं स्थापना की है श्री विश्वकर्मा धाम के पूर्ण निर्माण के बाद अब समाज बंधुओं को  श्री विश्वकर्मा जयंती, भागवत जी यज्ञ गोट सामूहिक विवाह बैठक एवं अन्य सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर अब अन्य स्थान लेने की जरूरत नहीं रहेगी साथ ही अब इस जगह पर महिलाओं नवयुवकों के लिए रोजगार से संबंधित अनेक प्रकार की योजना एवं ट्रेनिंग की जानकारी भी यहां से मुंहैया की जाएगी ।          मंदिर ट्रस्ट समिति नवयुग मंडल समिति एवं महिला मंडल समिति द्वारा सभी समाज बंधुओं सहित क्षेत्र के सभी धर्म प्रेमी बंधुओं से आग्रह है कि वह यज्ञ पूर्णाहुति आरती एवं प्रसादी में पधारकर धर्म लाभ प्राप्त करें । इस यज्ञ के मुख्य यजमान श्री एवं श्रीमती ज्योति शर्मा है यज्ञ एवं स्थापना का काम मुख्य यज्ञाचार्य श्री भूपेंद्र जोशी एवं उज्जैन से विशेष रूप से आए वेद पंडितों डॉक्टर पं. पुष्पेन्द्र जोशी, पं मयंक जोशी, पं परमेश्वर शास्त्री, पं धिरेन्द्र द्धिवेदी, पं चयन पांडे एवं पं हर्ष  व्यास द्वारा कराया गया । शिव परिवार की स्थापना श्री जितेंद्र नागल परिवार एवं गायत्री माता की मूर्ति की स्थापना श्री पंकज नागल मालक सा. द्वारा की गई है । मंदिर निर्माण में डॉक्टर श्री अमृत शर्मा, श्री विष्णु भाणनेचा, श्री दिनेश चूहैल, श्री मुकेश लाडवा श्री मोहनलाल वडेला श्री कृष्णा चूहैल, श्री महेश वंडेला, श्री सुरेश लतारा, श्री महेश बोदलीया, श्री राजेश नागल श्री राजेश चवला रेड, श्री वीरेंद्र वंडेला,  श्री रवि वडेंला श्री मोहन  वायवर, श्री जितेंद्र बामनिया,  श्री शिवराम कुलरिया श्री रमेश जिला का आदि का उल्लेखनीय रूप से सहयोग प्राप्त हुआ है।