मन में कड़वाहट रहते हुए धार्मिक साधना में प्रवेश असंभव है – राष्ट्रसंत श्री कमल मुनि कमलेश

देलवाड़ा जैन स्थानक भवन 16 फरवरी 2022 । विचारों में कड़वाहट आने पर अमृत जैसा भोजन भी जहर में परिवर्तित हो जाता है उक्त विचार राष्ट्रसंत श्री कमल मुनि कमलेश से संबोधित करते कहा कि मानसिक अशांति का मूल कारण यही है।
उन्होंने कहा कि जिस के निमित्त से कड़वाहट पैदा होती है उसका नुकसान हो या ना हो पर हमारे सब सद्गुण नष्ट हो जाते हैं।
मुनि कमलेश ने बताया कि मन में कड़वाहट रहते हुए धार्मिक साधना में प्रवेश असंभव है इससे आत्मा का जन्म जन्मांतर में पतन होता है ।
राष्ट्रीय संत ने बताया कि कड़वाहट से असाध्य रोगों का शिकार बन जाता है जिसका इलाज डॉक्टर और विज्ञान के पास भी नहीं है ।
मुनि श्री ने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान के द्वारा ही ऐसे मुक्ति पाई जा सकती है यह अणु बम परमाणु बम से भी खतरनाक है गौतम मुनि जी ने मंगलाचरण किया घनश्याम मुनि ने विचार व्यक्त किए । अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष विश्व रिकार्ड बनाने वाले डॉक्टर शांतिलाल नागौरी ने मुनि कमलेश की जयंती के उपलक्ष में गौशाला में ट्यूब वेल हेतु ₹100000 की घोषणा की ।

Play sound