हत्या कारित करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास एवं अर्थदंड

रतलाम । न्यायालय श्रीमान (शैलेश भदकारिया) पंचम अपर सत्र न्या्याधीश रतलाम (म.प्र.) के द्वारा रतलाम जिले का अतिसंवेदन, जघन्य एवं सनसनीखेज चिन्हित प्रकरण में निर्णय दिनांक 26.02.2022 को अभियुक्त कालु पिता बालु बारिया उम्र 45 वर्ष नि. रत्नपुरी झुग्गी झोपड़ी रतलाम को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 5000 रूपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
प्रकरण में पैरवीकर्ता जिला अभियोजन अधिकारी रतलाम श्री अनिल बादल ने बताया कि दिनांक 06.05.2019 को फरियादियां लीलाबाई पति शांतिलाल उर्फ शान्तु उम्र 45 वर्ष निवासी रायपुर जंगल नयाखेडा थाना सालमगढ हाल मुकाम टेंकर रोड झुग्गी झोपडी नयागॉव राजगढ रतलाम चूना तगारी का काम करके अपने घर रात्रि करीब साढ़े आठ बजे गई तो घर पर उसका पति शान्तिलाल व आरोपी कालु एवं रंगजी जो उसका पिता है, का झगड़ा हो गया। कालु ने उसके पति शांतिलाल उर्फ शान्तु को जान से मारने की नियत से गर्दन दबा दी व लकड़ी से उसके पति को सिर व ऑख के पास मारा जिससे उसके पति की नाक में से खून बहने लगा। फरयादी के पिता आरोपी रंगजी ने भी उसके पति के साथ मारपीट की। शांतिलाल ने अपने बचाव में आरोपी रंगजी को गाल पर काट लिया। दोनों आरोपीगण मौके से भाग गये। आरोपीगण द्वारा पहॅुचाई गई चोंट से शांतिलाल बेहोश होकर कुछ भी बोल नहीं रहा था तथा उसका पूरा शरीर ठण्डा पड़ गया था। फिर फरियादी व उसके परिवार वाले शांतिलाल को हॉस्पिटल लेकर गये थे जहां उसकी मृत्यु हो गई थी।
पुलिस ने मौके पर पहॅूचकर सूचनाकर्ता लीलाबाई पति शांतिलाल उर्फ शान्तु की सूचना पर से देहाती नालसी 0/19 धारा 302, 34 भादवि में लेखबद्ध की गई। उक्त देहाती नालसी रिपोर्ट पर से थाना औ.क्षै. रतलाम द्वारा आरोपी कालु पिता बालु बारिया व रंगजी पिता बिज्जा मईड़ा के विरूद्ध अप. क्र. 242/19 अंतर्गत धारा 302, 34 भादवि का पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान घटना स्थाल का नक्शा मौका, लाश पंचायतनामा बनाकर शव के साथ अन्य उपलब्ध भौतिक साक्ष्य जब्त किये गये। शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। मृतक शांतिलाल के पी.एम. के दौरान जप्त आर्टिकल जॉच हेतु एफ.एस.एल. भेजे गये। डॉक्टर क्यूरी रिपोर्ट से भी मृत्यु का कारण स्पष्ट हुआ एवं एफ.एस.एल. जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। दोनो आरोपीगण को दिनांक 08.05.2019 को गिरफ्तार कर पुछताछ की गई।
संपूर्ण विवेचना उपरांत आरोपीगण कालु पिता बालु बारिया उम्र 45 वर्ष नि. रत्नपुरी झुग्गी झोपड़ी एवं रंगजी पिता बिज्जा मईड़ा उम्र 60 वर्ष नि. टेंकर रोड़ झुग्गी झोपड़ी रतलाम के विरूद्ध अपराध धारा 302, 34 भादवि का सिद्ध पाये जाने से अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया हैं। विचारण के दौरान रंगजी पिता बिज्जाल मईडा की मृत्यू हो गई। फलत: उसे फौत घोषित किया गया।
माननीय विचारण न्यायालय में अभियोजन की ओर से कुल 19 साक्षियों में से 13 साक्षियों को परीक्षित करवाया गया तथा घटना के समर्थन में मौखिक साक्ष्य एवं दस्तावेजी साक्ष्य एवं लिखित बहस प्रस्तुत कर आरोपीगणों को आरोपित धाराओं में उल्लेखित अधिकतम दण्ड से दण्डित किये जाने के तर्क प्रस्तुत किये गये।
माननीय विचारण न्यायालय द्वारा अभियोजन घटना को प्रमाणित मानते हुए अभियुक्त कालु को दोषसिद्ध किया गया।

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