

उदयपुर हिरण मगरी सेक्टर 5 महावीर भवन फरवरी 2022 । द्रव्य क्षेत्र काल भाव के आधार पर उपासना पद्धति की भिन्नता को लेकर टकराव पैदा करना अधर्म और पाप है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि उपासना पद्धति साधन है एक मंजिल को पाने के लिए अनेक साधन हो सकते हैं ।
उन्होंने कहा कि उपासना पद्धति का प्रयोग आत्म शुद्धि के लिए होता है साधन पवित्र होगा तभी मंजिल प्राप्त होगी। मुनि कमलेश ने बताया कि उपासना पद्धति के नाम पर टकराव फिरका परस्ती और नफरत आतंकवाद से भी ज्यादा घातक है ।
राष्ट्र संत ने स्पष्ट कहा कि विश्व का कोई भी धर्म अलगाव पैदा करने की शिक्षा नहीं देता मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना अरिहंत मुनि ने मंगलाचरण किया घनश्याम ने विचार व्यक्त किए 27 फरवरी को प्रातः 9:00 जैन दिवाकर चौथमल जी महाराज की 127 वी जयंती आचार्य देवेंद्र जी की दीक्षा जयंती अहिंसा सम्मेलन रूप में मनाई जाएगी।